भोपाल।मप्र में कोरोना वायरस की थर्ड स्टेज आ गई है जिससे निपटने के लिये राज्य सरकार ने प्लान बी लागू कर दिया है। थर्ड स्टेज वह होती है जिसमें कोरोना वायरस से प्रभावित व्यक्ति के बारे में यह पता नहीं चलता है कि उसे किसने यह वायरस पहुंचाया यानि सोर्स अज्ञात रहता है।


इसलिये लागू किया प्लान बी :
राज्य सरकार ने सभी जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि कोरोना वायरस बीमारी के पाजीटिव प्रकरण प्रदेश में पाये गये हैं। जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, इंदौर तथा उज्जैन में पाजीटिव प्रकरण पाये गये हैं। यह भी देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति भी पाजीटिव पाये गये हैं जिन्होंने विदेश यात्रा नहीं की थी। इसलिये जिन क्षेत्रों में पाजीटिव प्रकरण हैं, उनके लिये भारत सरकार द्वारा जारी कन्टेनमेंट प्लान के दिशा-निर्देशानुसार कन्टेनमेंट प्लान-बी लागू किया जाये।


यह होगा अब प्लान बी के तहत :
पहले प्रभावित क्षेत्र में कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जाये। फस्र्ट कान्टेक्ट के क्षेत्र को चिन्हांकित कर उसे कन्टेनमेंट एरिया कहा जाये तथा उस एरिया की मार्किंग की जाये। इस एरिया के आसपास के रिहाईशी इलाकों को भी सर्विलांस में लिया जाये। प्रभावित किन-किन कार्यालयों या कार्यस्थलों पर गया है उसे देखा जाये। आसपास के सामाजिक स्थलों/कम्युनिटी को भी देखा जाये।
चिन्हांकित पाजीटिव केस के सोशल मूवमेंट के आधार पर दो या दो से अधिक कन्टेनमेंट जोन बनाये जा सकेंगे। इन जोनों को पूर्णतया लॉकडाऊन किया जाये।
जोन के लोगों को घरों पर ही रहने के लिये कहा जाये। घरों में रह रहे ऐसे लोगों की टेलीफोन या वीडियो कालिंग से जिला कोविड टीम द्वारा समय-समय पर काउन्सिलिंग की जाये। कोरोना संक्रमण पाये जाने पर मेडिकल मोबाईल यूनिट घर जाकर परीक्षण करे और सेम्पल एकत्रित करे। लॉकडाऊन किये गये क्षेत्र के रहवासियों का आवागमन न हो, इसकी सख्त निगरानी एडमिनिस्ट्रेटिव रिस्पांस टीम एवं जिला प्रशासन द्वारा की जाये।
इसी प्रकार कन्टेनमेंट एरिया की एन्ट्री एवं एक्सिट पाईंट पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी आने-जाने वाले वाहनों की स्क्रीनिंग करे तथा वाहनों को 1 प्रतिशत सोडियम हायपोक्लोराईट द्वारा डिसइन्फेक्ट किया जायेगा। सीसीटीवी कैमरे द्वारा कन्टेनमेंट एरिया में आवाजाही की निगरानी की जाये। आउटब्रेक की स्थिति में जिला चिकित्सालय द्वारा तैयार आइसोलेशन वार्ड एवं ट्रीटमेंट फेसिलिटी की तैयारी की जाये। कन्टेनमेंट एरिया के निकट के संस्थानों को बफर जोन के रुप में चिन्हांकित कर वहां भी निगरानी की जाये।


अधिग्रहण के दिये अधिकार :
राज्य सरकार ने कोरोनला वायरस से प्रभावितों के इलाज हेतु किसी शासकीय या अर्ध शासकीय संस्थान को उसके पूरे स्टाफ सहित अधिगृहित करने के अधिकार जिला कलेक्टरों को प्रदान कर दिये हैं।

(डॉ. नवीन जोशी)