अगर आपको घूमने का शौक है तो लोगों को पर्यटन स्थलों पर घुमाने के काम में अपना करियर बना सकते हैं। हालांकि इस काम के लिए मार्केटिंग में दक्ष होना जरूरी है, पर थीम टूरिज्म और विभिन्न भाषाओं की जानकारी भी सफल टूर ऑपरेटर बनने के लिए जरूरी है। ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री में टूर ऑपरेटर्स वे पेशेवर होते हैं, जो पर्यटकों को दर्शनीय स्थलों तक घुमाने के लिए होलीडे पैकेज तैयार करते हैं। एक टूर ऑपरेटर के तौर पर यह आपको ही तय करना होता है कि आपके काम करने का दायरा कहां तक होगा। टूर ऑपरेटर के तौर पर आप दुनिया के किसी भी कोने में दिलचस्प और खास जगहों पर पर्यटकों को ले जा सकते हैं, पहाड़ की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं, मोटर-साइकिल या कार से राज्य, देश या विश्व के भ्रमण का कार्यप्रम तय कर सकते हैं। 
टूर ऑपरेटर का काम बड़ा दिलचस्प होता है। वह आकर्षक पैकेज तैयार करता है और उन्हें ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से या सीधे ही लोगों तक पहुंचाता है। यह भी ध्यान रखा जाता है कि जो भी पैकेज तैयार किया जाए, वह इतना आकर्षक हो कि पर्यटक ज्यादा से ज्यादा पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकें और जेब पर भी ज्यादा भार न पड़े। इसमें पर्यटकों की सुविधा का इस तरह ध्यान रखना पड़ता है कि उनका हर टूर यादगार बन जाए और एक टूर ऑपरेटर के तौर पर आप हमेशा के लिए उन्हें याद रह जाएं। 
कारोबार जगत के अनुसार जिस तरह से देश-दुनिया में ट्रैवल एवं टूरिज्म का क्षेत्र बढ़ रहा है, उसे देखते हुए लगता है कि 2019 तक यह क्षेत्र रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र बन जाएगा। 
योग्यता : टूर ऑपरेटर के तौर पर करियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को यह बात पता होनी चाहिए कि केवल कोई विशेष कोर्स कर लेने भर से विशेषज्ञता हासिल नहीं हो जाती। हां, डिग्री, डिप्लोमा जैसी योग्यताएं हासिल करने के बाद इस रूप में काम जरूर किया जा सकता है। आप में बेहतर तरीके से चीजों को व्यवस्थित करने की योग्यता होनी चाहिए, घूमने-फिरने का शौक और अधिक से अधिक भाषाओं की जानकारी हो तो और बेहतर। बतौर टूर ऑपरेटर आपको खास राज्य, खास किस्म के थीम में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी, मसलन यदि धार्मिक पर्यटन में आपकी महारत है तो बाजार में इस तरह के पर्यटन के लिए तुरंत आपका नाम लोगों के दिमाग में आना चाहिए। 
कोर्स : आप विभिन्न संस्थानों से डिग्री, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इसके प्रमुख कोर्स में शामिल हैं एडवांस डिप्लोमा इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बेसिक कोर्स इन एयरलाइन ट्रैवल, फेयर्स एंड टिकटिंग मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट और एयर ट्रैवल फेयर एंड टिकटिंग जैसे कोर्स प्रमुख रूप से किए जा सकते हैं। 
अवसर : यहां आप सरकारी, निजी और मल्टीनेशनल कंपनियों में भी रोजगार तलाश सकते हैं। इसके अलावा पर्यटन विभाग, होटल उद्योग, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों में आपके लिए द्वार खुले हैं। 
वेतन : टूर ऑपरेटर के तौर पर सबसे बेहतर बात तो यही है कि आप अपनी ट्रैवल एजेंसी शुरू करें, लेकिन आपके पास निवेश योग्य इतना धन जरूर होना चाहिए कि आप पूरे टूर ऑपरेशन को संभाल सकें। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो सरकारी या निजी क्षेत्र में बतौर टूर ऑपरेटर काम कर सकते हैं। शुरुआती वेतन की बात करें तो 12 हजार से 20 हजार की आमदनी हो सकती है।