पायलट बनकर आसमान में उड़ने का सपना देखने वाले राजस्थान के युवाओं के लिए बड़ी खबर है।
 राजे सरकार का निर्णय, युवाओं के सपनों को फिर लगेंगे पंख ।  जयपुर पायलट बनकर आसमान में उड़ने का सपना देखने वाले राजस्थान के युवाओं के लिए बड़ी खबर है, उनके लिए राज्य सरकार फिर से फ्लाइंग स्कूल स्थापित करने जा रही है।
करीब पांच वर्ष पहले सांगानेर हवाईअड्डे से इस स्कूल का संचालन होता था और देश भर से युवा यहां पायलट बनने की ट्रेनिंग लेने आते थे, लेकिन भ्रष्टाचार संबंधी कुछ मामलों के चलते इसे बंद कर दिया गया था।
अब राज्य सरकार ने इसे फिर से शुरू करने की कवायद शुरू की है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसकी सिविल एविएशन की जिम्मेदारी हाल ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुनील अरोड़ा को दी है। अरोड़ा पूर्व में एयर इंडिया (दिल्ली) के चैयरमेन रह चुके हैं।
इस स्कूल में सरकार के पास तीन लाइट ग्लाइडर्स हैं और दो सरकारी विमान हैं। एक खराब पड़ा हैलीकॉप्टर भी है, जिसे उड़ाया भले ही नहीं जा सकता हो, लेकिन मैकेनिकल प्रेक्टिकल्स के लिए इसे काम में लिया जाएगा।
लाखों युवाओं का सपना:लाखों युवा चाहते हैं कि वे 12वीं कक्षा में साइंस-मैथ्स से पढ़ाई करने के बाद पायलट बनें, लेकिन उनके पास इसके लिए मौके ही बहुत कम हैं। पूरे उत्तर भारत में दिल्ली, चंडीगढ़ और बरेली में इस तरह के स्कूल हैं। पहले राजस्थान में भी स्कूल था, अब यह स्कूल खुलेगा तो विद्यार्थियों के कॅरियर को नए पंख लग सकेंगे।
परीक्षा या सीधी भर्ती पर जल्द होगा निर्णय:
ट्रेनिंग स्कूल पुनस्र्थापित होने के बाद उसमें प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करवाने या 12वीं के प्राप्तांकों के आधार पर सीधी मेरिट सूची बनाने पर जल्द निर्णय किया जाएगा।
उम्मीद है इस स्कूल को अगले एक से दो महीनों में शुरू किया जा सकता है। एक बार यह स्कूल बना तो उसमें पायलट के अलावा क्रू-मेम्बर्स, स्टुअर्ट, मेन्टिनेंस, इन्स्ट्रक्टर आदि से जुड़े कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
आईएएस-आईपीएस से ज्यादा वेतन :
कॉमर्शियल पायलट बनने वाले युवाओं का प्रतिमाह वेतन एक से पांच लाख रूपए प्रतिमाह के हिसाब से तय होता है।
फिलहाल राजस्थान सरकार के पास जो एक मात्र पायलट कॉन्ट्रेक्ट पर कार्यरत है, उन्हें भी यही वेतन मिलता है। ऎसा वेतन कॅरियर की शुरूआत में आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स को भी नहीं मिल पाता है।
इनका कहना:
फ्लाइंग स्कूल का अध्ययन करके सरकार और ट्रेनी पायलट के हित में जो भी होगा, किया जाएगा।