लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने ग्रीष्मकाल को देखते हुए वर्तमान पेयजल व्यवस्था की दूरभाष से जिलेवार समीक्षा की। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अधिकारियों से कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान प्रत्येक ग्राम और बसाहटों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल में पेयजल शुद्धिकरण हेतु क्लोरीनेशन का कार्य भी युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अधिकारियों को सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में राइजर पाईप, सिंगल फेस पावर पम्प, केबल वायर आदि के व्यवस्था हेतु आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मैदानी स्तर पर कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करने के निर्देश दिए हैं।  

समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कुल दो लाख 78 हजार 463 हैण्ड पम्प, 3 हजार 507 नलजल योजना, 2 हजार 544 स्थल नल योजना, 7 हजार 84 सोलर पम्प एवं भू-जल स्तर नीचे जाने वाले 14 हजार 294 ग्रामों में सिंगल फेस पावर पम्प के माध्यम से वर्तमान में पेयजल व्यवस्था की जा रही है। पेयजल संकट वाले बसाहटों के हैण्ड पम्पों में 11 हजार 359 मीटर राइजर पाइप बढ़ाया गया है तथा एक हजार 257 मीटर राइजर पाइप बदले गए हैं। समीक्षा के दौरान कार्यपालन अभियंताओं द्वारा मंत्री गुरू रूद्रकुमार को अवगत कराया गया कि वर्तमान में औसत भू-जल स्तर पूर्व वर्ष की तुलना में बेहतर है और राज्य के किसी भी जिले में पेयजल की समस्या और पेयजल संकट व्याप्त नहीं है। साथ ही आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां की गई है।