मुंबई । अभिनेत्री पायल घोष कहती हैं, "बहुत सारे लोग मानसून के दौरान खुद को उदास और यहां तक कि चिंतित महसूस करते हैं। यह सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर का संस्करण है। पायल सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर को लेकर प्रशिक्षित हैं। मानसून सीजन के दौरान अभिनेत्री पायल घोष ने लोगों के उदास और चिंतित महसूस करने पर बात की। उन्होंने कहा- काले बादल और कम धूप मूड को प्रभावित करती है और इस दौरान एक व्यक्ति उदास और खुद को अकेला महसूस कर सकता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि गरज और बिजली लोगों को "चिंतित होने और पैनिक अटैक के लिए ट्रिगर कर सकती है"। इसे लेकर पायल ने स्वस्थ जीवनशैली और ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा, "इन सभी मामलों में हम लोगों को ध्यान करने और आनंददायक गतिविधियों में समय देने के लिए कहते हैं। हम उन्हें सुंदर हरियाली, फूल, सूरज निकलते ही आसमान में इंद्रधनुष की तलाश करने को कहते हैं। ताजी, साफ और धुली सड़कों और इमारतों के आसपास या बच्चों को खेलते हुए देखकर अच्छा महसूस किया जा सकता है।" पायल कहती हैं, "हमें जो पसंद है, उस पर ध्यान केंद्रित करना और उन चीजों को सहन करने की कोशिश करना जो हम नहीं बदल सकते हैं। ऐसा द्रष्टिकोण हमें बहुत मदद करता है"।