इस्लामाबाद। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार के खिलाफ अपनी मजबूत राय व्यक्त करते हुए मीडिया बिरादरी ने देश में पत्रकारों पर बढ़ रहे अत्याचारों, अपहरण और गिरफ्तारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार में मीडिया हाउसों को वित्तीय प्रतिबंधों के अलावा अघोषित सेंसरशिप  और पत्रकारों को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।  मीडिया बिरादरी ने प्रधानमंत्री इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ सरकार को मौजूदा मीडिया संकटों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। पाकिस्तान फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (पीएफयूजी) की संघीय कार्यकारी परिषद (एफईसी) द्वारा बलूचिस्तान की राजधानी में तीन दिवसीय विचार-विमर्श बैठक के बाद इमरान सरकार के खिलाफ यह घोषणा जारी की गई। गौरतलब है कि पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू करते हुए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने 49 पत्रकारों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ देश के ड्रोनियन साइबर क्राइम कानून पीईसीए के तहत मामले दर्ज किए हैं। पत्रकार मुबाशीर जैदी ने पाकिस्तान के फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट पाकिस्तान सरकार से पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के खिलाफ मुकदमों को वापस लेने का आह्वान किया है।