नई ‎दिल्ली । सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) को तेल एवं गैस की कीमतें कम होने के बावजूद कॉरपोरेट कर की देनदारी नीचे आ जाने से वित्त वर्ष 2019-20 की मार्च तिमाही में 925.64 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। कंपनी को साल भर पहले की समान तिमाही में 208.54 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। कंपनी ने कहा कि उसने नयी कर व्यवस्था का चयन किया। इससे रियायतें छोड़ देने के बाद कर की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत पर आ गई। अभी कॉरपोरेट कर की दर 35 प्रतिशत है। इसका परिणाम हुआ कि कॉरपोरेट कर की देनदारी 2019-20 में 821.01 करोड़ रुपए कम हो गई। इसने तेल एवं गैस की कीमतें कम होने की भरपाई कर दी। कंपनी ने कहा ‎कि कोविड-19 तथा उत्पादन में कटौती को लेकर रूस व सऊदी अरब के बीच सहमति नहीं बन पाने से कच्चा तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिर गई, इससे वित्त वर्ष 2019-20 और मार्च तिमाही में कच्चा तेल से होने वाली कमाई पर असर पड़ा। मार्च तिमाही के दौरान कच्चा तेल का औसत भाव 52.18 डॉलर प्रति बैरल रहा। यह साल भर पहले की समान अवधि की औसत दर 61.76 डॉलर प्रति बैरल की तुलना में 15.51 प्रतिशत कम है। आलोच्य तिमाही के दौरान कुल राजस्व साल भर पहले से कुछ बढ़कर 3,583.72 करोड़ रुपए रहा। पूरे 2019-20 वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 13,648.71 करोड़ रुपए रहा और शुद्ध लाभ 2,584.06 करोड़ रुपए रहा जो लगभग इससे पिछले वर्ष के लाभ के बराबर है। आलोच्य वर्ष के दौरान कच्चे तेल का औसत भाव 11.31 प्रतिशत कम हो कर 60.75 डॉलर प्रति बैरल था। इससे एक वर्ष पूर्व औसत दर 68.50 डॉलर प्रति बैरल थी। इस दौरान कंपनी को गैस के लिए औसतन 3.46 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) का भाव मिला, जो एक साल पहले 3.21 डॉलर था।