मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संकट के दौरान जनता को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता के साथ ही उनकी रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। कोरोना बचाव एवं उपचार की सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध होनी चाहिए। व्यवस्थाओं में कमी अथवा देरी माफ नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य आयुक्त श्री प्रतीक हजेला को कार्य में लापरवाही के कारण हटाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना टेस्ट में कहीं भी विलंब नहीं होना चाहिए। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में पर्याप्त कोरोना टेस्ट किट्स उपलब्ध हैं। सभी जिलों को आवश्यकता के अनुसार किट्स भेजे जा रहे हैं। आज की स्थिति में हमारी टेस्टिंग क्षमता 480 है, जो कि आगामी दो-तीन दिन में 500 प्रतिदिन हो जाएगी। प्रदेश में मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की पर्याप्त व्यवस्था है।  वर्तमान में 43,000 मास्क स्टॉक में है तथा दो लाख मास्क का आर्डर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो मजदूर/कामगार बाहर से मध्यप्रदेश में आए हैं, उनकी रेंडम टेस्टिंग करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों में सर्दी, खांसी, बुखार आदि लक्षण दिखाई देते हैं, उनका भी कोरोना टेस्ट किया जाए। भीलवाड़ा से प्रदेश में आए लोगों पर विशेष  निगरानी रखी जाए।