नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक वर्चुअल बैठक में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पोषित करना का सीधा आरोप लगाया है। बैठक में भारत ने पड़ोसी देश पर आतंकवादियों को पनाह देने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर को लेकर मनगढंत कहानी गढ़ने का आरोप लगाया है।  भारतीय दल का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद विरोधी) महावीर सिंघवी ने बैठक में कई मुद्दे उठाए। यह बैठक कल यानी सात जुलाई को आयोजित की गई थी। इसी दिन 12 साल पहले अफगानिस्तान की राजधानी काबूल में भारतीय दूतावास पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन ने हमला किया था। इस हमले में कई भारतीय और अफगानी नागरिक मारे गए थे। 

'भारत में आतंकी हमला कराने वाली उपदेश दे रहे हैं'
संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान सिंघवी ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक देश जिसने मुंबई (2008), पठानकोट (2016), उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमले किए, वह अब विश्व समुदाय को उपदेश दे रहा है। उन्होंने कहा, 'वैश्विक महामारी के दौरान जहां विश्व इससे लड़ने के लिए साथ आ रहा है वहीं, पाकिस्तान जो कि सीमा पार से आतंकवादियों को भेजने का काम करता है, हर अवसर को भारत के खिलाफ गलत बयानबाजी करने, मनगढंत आरोप लगाने और हमारे आंतरिक मामले में दखलअंदाजी करने के लिए इस्तेमाल करता है।'

जम्मू-कश्मीर को लेकर गलत बयानबाजी कर रहा है पाकिस्तान
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने इस बैठक के दौरान पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया और जम्मू-कश्मीर को लेकर जमकर लताड़ लगई। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद को पनाह देने वाला पाकिस्तान जम्मू और कश्मीर को लेकर गलत और मनगढंत बयानबाजी कर रहा है। वह भारत के खिलाफ सीमा पर आतंकवादियों को बढ़ावा देने के लिए अपने सैनिकों के साथ-साथ आर्थिक मदद करता है। वह आतंकवादियों को स्वतंत्रता सेनानी मानता है। इतना ही नहीं पाकिस्तान भारत के घरेलू कानून और नीतियों के बारे में गलत जानकारी भी देता है।'आपको बता दें कि यह वर्चुअल मीटिंग संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद-निरोधी सप्ताह का हिस्सा था। इस दौरान सिंघवी ने बताया कि आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ करने के अनगिनत प्रयास किए हैं। सीमा पार से अपने सुरक्षित ठिकानों से हमारी सीमा में हमलों को अंजाम देने के लिए और यहां तक कि हथियारों की तस्करी करने के लिए मानव रहित हवाई प्रणाली का इस्तेमाल किया है।

कोरोना संकट का फायदा उठाने की कोशिश में आतंकवादी
वैश्विक स्तर पर आतंकवादियों ने महामारी के कारण होने वाले वित्तीय और भावनात्मक संकट का फायदा उठाने की कोशिश की है।नफरत फैलाने वाले भाषण, फेक न्यूज और वीडियो के माध्यम से गलत सूचना देने के लिए सोशल मीडिया में लोगों की बढ़ी मौजूदगी  का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि एक और परेशान करने वाला ट्रेंड सामना आ रहा है कि आतंकी समूह चैरिटी के नाम पर फंड इकट्ठा कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

लादेन को शहीद बताने के लिए इमरान खान की भी निंदा
सिंघवी ने अल-कायदा को खत्म करने का श्रेय देने के लिए पाकिस्तान के बयान को भद्दा मजाक बताया। उन्होंने कहा कि अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को हाल ही में पाकिस्तानी संसद में प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा शहीद कहा गया। बैठक के दौरान सिंघवी ने कहा कि इमरान खान ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान में 40,000 से अधिक आतंकवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक टीम ने रिपोर्ट दी थी कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद  के लगभग 6,500 पाकिस्तानी आतंकवादी अफगानिस्तान में काम कर रहे हैं।भारतीय अधिकारी ने बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव की भी आलोचना की।