बैतूल. सामूहिक विवाह के बारे में आपने जरूर सुना होगा. ऐसे समारोह में कई जोड़े एक साथ शादी (wedding) करते हैं. आमतौर पर ऐसी जगहों पर शादी के लिए अलग-अलग मंडप तैयार किए जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी शादी के बारे में सुना है, जहां किसी एक मंडप पर एक दुल्हे ने एक साथ दो दुल्हन के साथ सात फेरे लिए हों. शायद नहीं... लेकिन ऐसी ही एक अनोखी शादी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले में देखी गई. एक दुल्हन लड़के की गर्ल फ्रेंड थी और दूसरी घरवालों की पसंद.

क्या है पूरा मामला?

ये शादी बैतूल जिले से 40 किलोमीट दूर डाडोंगरी तहसील के केरिया गांव में हुई. ग्रामीणों के मुताबिक केरिया गांव के आदिवासी युवक संदीप उईके ने दो लड़की से एक साथ शादी की. पहली दुल्हन होशंगाबाद जिले की है और दूसरी घोड़ाडोंगरी तहसील के कोयलारी गांव की. जानकारी के मुताबिक संदीप भोपाल में पढ़ाई कर रहा था, इस दौरान होशंगाबाद की लड़की से उसकी दोस्ती हो गई. दोस्ती प्यार में बदल गई. और फिर बात शादी तक पहुंच गई. इस बीच संदीप के घरवालों ने कोयलारी गांव की दूसरी लड़की के साथ उसकी शादी तय कर दी.

ऐसे लिया गया फैसला

इसके बाद पूरा मामला पंचायत तक पहुंच गया. विवाद को खत्म करने के लिए तीनों परिवारों ने पंचायत बुलाई. इसमें फैसला लिया गया कि अगर दोनों लड़कियां संदीप के साथ, एक साथ रहने के लिए तैयार हैं, तो दोनों की शादी लड़के से करा दी जाए. इस फैसले पर दोनों लड़कियां राजी हो गईं. साथ ही संदीप भी दोनों के साथ शादी करने के लिए तैयार हो गया.

तीनों के परिवार पहुंचे शादी में

शादी में तीनों परिवार के लोग पहुंचे. इसके अलावा तीनों के गांव के कई लोग भी इस शादी में मौजूद थे. ये पहला मौका था जब किसी लड़के ने एक साथ दो लड़कियों के साथ सात फेरे लिए हों. घोडाडोंगरी की तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने इस शादी के लिए कोई परमिशन नहीं दी थी. बता दें कि कोरोना काल में इन दिनों शादी के लिए परमिशन लेनी पड़ती है. फिलाहल मामले की जांच चल रही है.