गोपालदास बंसल, अटल संदेश
अनूपपुर। हम भले ही 21 वीं सदी में जी रहे हों, लेकिन इसे सरकार की अनदेखी कहें या  जनप्रतिनिधियों की लापरवाही हालात ऐसे हैं कि कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। एक ऐसी ही तस्वीर सोमवार अनूपपुर जिले से सामनें आई जहां मां की तबियत ज्यादा खराब होनें पर बच्चों नें सुविधायें ना मिलनें पर अपनी मां को खाट पर लेटाकर अस्पताल तक पहुंचाया। मामला जैतहरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगराटोला का है, जहां पोंडापानी ईलाके  में आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं से ग्रामीण वंचित हैं। इस गांव में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधायें अब तक नहीं पहुंच पाई हैं। यहां के ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों तथा सीएम हेल्पलाइन में अपनी मांग रख चुके हैं लेकिन अभी तक सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई हैं । सोमवार को गांव के रहनें वाले  शोभा यादव के मां की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें खाटिया में लिटाकर मुख्य मार्ग तक लाया गया और वहां से बाईक से सरकारी अस्पताल में ईलाज कराने ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बारिश के समय कच्ची सड़क की हालत ऐसी हो जाती है कि मोटरसाइकल का चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। बारिश में एम्बुलेंस की सुविधा भी गांव वालों को नहीं मिल पाती, जिससे इस तरह के हालात हैं। 

प्रशासनिक प्रतिक्रिया
आपने इस गंभीर मामले को मेरे संज्ञान में लाया है, जानकारी के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
नरेश पॉल, कमिश्नर शहड़ोल संभाग