एटा. उत्तर प्रदेश के एटा (Etah) जनपद में अनामिका शुक्ला प्रकरण (Anamika Shukla Case) के बाद शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच का कार्य शुरू किया गया. इस दौरान जांच में एटा में तैनात 7 शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की गई है.

अनामिका शुक्ला कांड के बाद शुरू हुई दस्तावेजों की जांच

अनामिका शुक्ला कांड ने उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा कर रख दिया था. इस प्रकरण के बाद पूरे यूपी में दस्तावेजों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इस कड़ी में जनपद एटा में शिक्षा विभाग में तैनात सभी शिक्षक शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है.

7 शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज मिले
आपको बता दें जनपद एटा जिले के प्राथमिक विद्यालय में तैनात सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालयों में तैनात 7 शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज मिलने पर उन्हें बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की गई है.

इससे पहले कस्तूरबा गांधी विद्यालय के 5 शिक्षक हुए थे बर्खास्त

इससे पूर्व में भी कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात 5 शिक्षकों को फर्जी डिग्रियों के आधार पर बर्खास्त किया जा चुका है. इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक विद्यालय में तैनात 7 शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कराकर नियुक्ति पत्रावली में लगाया गया था. दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर 7 शिक्षकों को डीएम के आदेश पर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. फर्जी शिक्षकों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है. वहीं इनसे तनख्वाह की रिकवरी भी की जाएगी. आगे भी जांच में फर्जी शिक्षक पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.