• देश में बढ़ रहा कोरोना वायरस का कहरकोरोना से महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित

भारत में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है जो कोरोना महामारी की शुरुआत से ही इस संकट का केंद्र बना हुआ है. वायरस से बुरी तरह प्रभावित कुछ दूसरे बड़े राज्यों में ग्राफ नीचे आना शुरू हो गया है, लेकिन महाराष्ट्र में अभी भी इसका इसका खात्मा होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं.

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महाराष्ट्र में कोरोना का प्रकोप पुणे से शुरू हुआ था, जब दुबई से लौटने वाले मार्च के आखिरी हफ्ते में एक दंपति को पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद से अप्रैल और मई महीनों में राज्य में इसका प्रकोप बढ़ता गया और मुंबई के पड़ोसी जिलों में भी फैल गया.

कोरोना केस

पांच महीनों में महाराष्ट्र में कोरोना का ग्राफ थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. “covid19india.org” की ओर से इकट्ठे किए गए आंकड़े दिखाते हैं कि महाराष्ट्र में हर हफ्ते, पिछले हफ्ते के मुकाबले ज्यादा केस सामने आ रहे हैं. भारत का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला ये राज्य अप्रैल के बाद से हर दिन लगभग सबसे ज्यादा नए केस दर्ज कर रहा है. दिल्ली और तमिलनाडु- ये दो राज्य भी सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से हैं. इन दोनों राज्यों ने डेली नए केस के मामले में महाराष्ट्र को टक्कर दी, लेकिन अब यहां ग्राफ धीरे-धीरे नीचे आता दिख रहा है.

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पिछले हफ्ते में महाराष्ट्र ने औसतन 10,000 से ज्यादा नए केस दर्ज किए हैं. हालांकि, राहत की बात ये है कि महाराष्ट्र में केस दोगुना होने की गति धीमी हो गई है. अब यहां 31 दिन में केस दोगुने हो रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 है. लेकिन तमिलनाडु में, जहां जुलाई की शुरुआत में बहुत तेजी से केस बढ़ रहे थे, अब केस की गति काफी धीमी हो गई है और केस दोगुना होने की दर 35 दिन हो गई है.

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महाराष्ट्र अपनी मृत्यु दर को भी कुछ खासा कम नहीं कर पाया है. पूरी महामारी के दौरान सबसे ज्यादा केस मृत्यु दर (CFR) गुजरात में रही है, लेकिन अब लग रहा है कि महाराष्ट्र कुछ दिनों के भीतर गुजरात को पीछे छोड़ देगा. ऐसा इसलिए नहीं है कि महाराष्ट्र में मृत्यु दर बढ़ गई है, बल्कि ऐसा इसलिए है ​क्योंकि गुजरात की मृत्यु दर में कमी आई है.

दरअसल, महाराष्ट्र ने 1 जून को 3.37 फीसदी मृत्यु दर की सूचना दी. दो महीने बाद, 11 अगस्त को ये मामूली वृद्धि के साथ 3.42 फीसदी थी. इसके उलट, इसी अवधि में गुजरात में कोरोना की मृत्यु दर 6.17 प्रतिशत से घटकर 3.68 प्रतिशत पर आ गई है. महाराष्ट्र में अब तक कोरोना से 18,650 मौतें हो चुकी हैं. तमिलनाडु की तुलना में ये संख्या तीन गुना ज्यादा है.

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महाराष्ट्र की सबसे बड़ी चिंता है कि महामारी अब राज्य के जिलों में फैल रही है. हर कुछ हफ्ते में एक नए जिले में कोरोना का नया रिकॉर्ड बन रहा है. मंगलवार, 11 अगस्त को कोल्हापुर जिले में मुंबई या ठाणे की तुलना में ज्यादा केस थे.

कुल मिलाकर, मुंबई, पुणे और ठाणे महाराष्ट्र के तीन सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. इनमें से प्रत्येक में एक लाख से ज्यादा केस हैं. मुंबई में अब तक करीब 7,000 मौतें हो चुकी हैं जो कि ठाणे और पुणे की तुलना में काफी ज्यादा हैं. भारत में अब तक कोरोना से जितनी मौतें हो चुकी हैं, उसका 15 फीसदी सिर्फ मुंबई में हुई हैं.