इंदौर. सॉफ्ट हिन्दुत्व की राह पर चल रही मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) ने राम मंदिर के भूमि पूजन (Bhoomi Pujan) से पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया. इसके साथ ही कांग्रेस के अन्य नेता भी राम मंदिर निर्माण में अपना सहयोग देने के लिए आगे आ रहे हैं. इंदौर के बीजेपी नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए 11 किलो वजनी चांदी की ईंटें भेट की है. इसके बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल (Satyanarayan Patel) ने भी आगे आकर एक लाख एक हजार रुपए की सहयोग राशि दान की है. सत्यनारायण पटेल कट्टर कांग्रेसी माने जाते हैं. उन्होंने विधानसभा का चुनाव इंदौर की विधानसभा क्षेत्र पांच से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि वो मात्र एक हजार वोट से बीजेपी के महेंद्र हार्डिया से हार गए थे.

आयोध्या में आज होने जा रहे राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के लिए जैसे ही बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने 11 किलो की चांदी ईटें अयोधया भेजवाई, वैसे ही कांग्रेस नेताओं में भी दान देने का सिलसिला शुरू हो गया. कांग्रेस के पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने 1 लाख 1 हजार रुपए मंदिर निर्माण के लिए अपनी सहयोग राशि भेजवाई है. उन्होंने कहा कि 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही राम मंदिर का ताला खुलवाया था.  इनके मुताबिक, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने तो साफ कर दिया है कि राजीव गांधी यदि जिंदा रहते तो राम मंदिर कब का बन गया होता. उन्होंने कहा कि देश में राम राज्य की स्थापना के लिए राजीव गांधी ने उस समय आयोध्या से यात्रा निकाली थी. ऐसे में कांग्रेस मंदिर निर्माण में भी पीछे नहीं रहने वाली है. जिस तरह राम सेतु निर्माण में नन्ही गिलहरियों ने अपने श्रद्धा भाव से योगदान दिया था उसी तरह वे भी छोटा ही सही लेकिन अपना पूरे मन से सहयोग दे रहे हैं.

एमपी में उपचुनाव की सियासत
वहीं, कांग्रेस के इस दान को लेकर बीजेपी कटाक्ष कर रही है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस राम के सहारे अपने पुराने पाप धोना चाह रही है. इसलिए अब राम मंदिर के निर्माण के लिए सहयोग राशि भिजवा रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके नेता खुशी मनाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ तक कर रहे हैं, जिससे उपचुनाव से पहले जनता में उनकी पार्टी की सकारात्मक छवि जाए. राम मंदिर का मुद्दा भले ही बीजेपी का रहा हो, लेकिन अब कांग्रेस उसे छोड़ने की बजाय इस भुनाने में लग गई है, क्योंकि राज्य में 27 सीटों पर उपचुनाव है और वो एक बड़े वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए हिंदुत्व की राह पर चल पड़ी है. वो इसमें बीजेपी से पीछे नहीं रहना चाहती है. इसलिए वो बढ़- चढ़कर राम मंदिर के निर्माण के उत्सव में शामिल होने की कवायद में लगी हुई है.