कोण्डागांव :   आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की बैठक बुलाई। इस बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से कोरोना आपदाकाल में छात्रों की शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिये अधिक से अधिक प्रभावी तौर पर ऑनलाईन शिक्षा एवं अन्य वैकल्पिक शिक्षण के माध्यमों के प्रयोग पर चर्चा की। इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं स्कूलों के प्राचार्य सम्मिलित हुए।
    विगत दिनों कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जिसके चलते बच्चों को ऑनलाईन माध्यमों से शिक्षा प्रदान करने के लिये राज्य शासन द्वारा ‘पढ़ई तुंहर द्वार‘ योजना प्रारंभ की गई थी। जिसके तहत जिले में शिक्षण कार्य के दौरान आ रही व्यवहारिक दिक्कतों के संबंध में कलेक्टर ने प्राचार्यो के साथ चर्चा की। विदित हो की जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में बच्चों की पढ़ाई को बाधित न होने देने के उद्देश्य से ‘मोहल्ला क्लास‘ प्रारंभ किया था। अब जिला प्रशासन द्वारा इन कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से अन्य नवाचारी तरीको को अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कई प्राचार्यो ने कलेक्टर रूबरू हो कर उनसे शिक्षण के क्षेत्र में सुधार हेतु सुझाव भी साझा किये साथ ही कई स्कूलों में पिछले शिक्षा सत्र में जहां परिणाम अच्छे नहीं आये थे वहां स्कूलों के प्राचार्यो से चर्चा कर परिणामों को सुधारने के लिए उन्होने प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।