बिलासपुर । रतनपुर क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। यहां नियम कानून की किसी को परवाह नहीं। 1 दिन पहले राइस मिल में अवैध पेड़ कटाई का मामला सामने आया था। अब इसी से मिलता-जुलता मामला रतनपुर से 6 किलोमीटर दूर गहिला नाला के पास बने बजरंगबली मंदिर से सामने आया है। जहां मंदिर विस्तार के नाम पर बगैर शासन की अनुमति के करीब 80 हरे-भरे दरख्तों को धराशाई कर दिया गया। इनमें सागौन के 23 , सरई के 11, खम्हार का एक, जामुन के 6 , आंवला के 3 पेड़ों के अलावा करीब 30 बांस भी शामिल है ।
मंदिर की सुरक्षा करने वाले मदन पावेल और देव सिंह का कहना है कि मंदिर प्रमुख यशवंत गिरी महाराज के कहने पर ही इन पेड़ों की कटाई की गई है। शासन से अनुमति के जवाब में वे बगले झांकने लगे। जब इस संबंध में एसडीएम कोटा आनंद रूप तिवारी से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामले की जांच के लिए रतनपुर नायब तहसीलदार को निर्देश देने की बात कही है । इसी तरह डिप्टी रेंजर देव कुमारी कुर्रे ने भी मामले में जांच कर कार्यवाही का भरोसा दिया है। हैरान करने वाली बात यह मंदिर वन विकास निगम के कार्यालय के बिल्कुल सामने हैं । यानी नाक के नीचे पेड़ों की अवैध कटाई होती रही और वन विकास निगम को इसका पता भी नहीं चला। धर्म के नाम पर अधर्म की कुल्हाड़ी चलाते हुए जिस तरह 80 के करीब पेड़ों की बलि दी गई है उस पर वन विभाग और प्रशासन क्या कार्यवाही है करता है यह देखना होगा।