लखनऊ. कहा जाता है कि सियासत में सब कुछ स्वार्थ आधारित समीकरणों पर निर्भर होता है, लेकिन इनकार इससे भी नहीं किया जा सकता कि ऐसे मौके किसी संयोग से भी बन सकते हैं. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की हलचलों से पहले एक संयोग का अवसर आया, जिसका अर्थ निकालने में ​दिलचस्पी केवल सियासी हलका ही नहीं, बल्कि सुनने और पढ़ने वाले भी ले रहे हैं. असल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के एक हवाई जहाज़ में अचानक आमने सामने होने के बाद एक नई तरह की चर्चा चल पड़ी है.

दिल्ली से लखनऊ आ रही एक फ्लाइट में अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी की अचानक मुलाकात हो गई. दोनों मास्क पहने हुए थे इसलिए यह फोटो में कैद नहीं हो सका कि दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए कि नहीं. फिर भी, इस अचानक मुलाकात के बाद काफी देर फ्लाइट में प्रियंका और अखिलेश साथ रहे तो कुछ समीकरण भले न बने हों लेकिन संभावना तो है कि समीकरणों के संयोग बने हों.
यूपी चुनाव के संदर्भ में देखा जाए तो दोनों ही प्रमुख विपक्षी पार्टियां यानी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक दूसरे के साथ मिलकर चुनाव न लड़ने का स्टैंड ले चुकी हैं. सपा कह चुकी है कि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी और कांग्रेस भी किसी बड़ी पार्टी का साथ लेने के मूड में नहीं है. लेकिन अचानक टकराए प्रियंका और अखिलेश की मुलाकात अब क्या मोड़ लाएगी और उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन का ऊंट किस ​करवट बैठेगा? इस तरह की चर्चाएं भी चलेंगी और समय के साथ पत्ते भी खुलेंगे.