श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने के बाद सुरक्षाबल और प्रशासन अलर्ट हो गए हैं. घाटी में रहने वाले गैर कश्मीरी आबादी की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों ने तमाम क्षेत्रों में ड्रोन ग्रिड (Drone Grid in Kashmir) की तैनाती की है. ड्रोन ग्रिड की मदद से सेना उन इलाकों में नजर रख सकेगी, जहां ऐसे लोग रहते हैं. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने अब कश्मीर पुलिस और CRPF मिलकर ड्रोन के जरिए उन इलाकों की निगरानी करेंगे जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं. कश्मीर में ऐसे 15 पॉकेट्स की पहचान हुई है जहां अल्पसंख्यक हिंदू और सिख रहते हैं और अब इन इलाकों की सुरक्षा ड्रोन से की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार होगा कि जब जम्मू-कश्मीर में ड्रोन ग्रिड के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. बता दें कि पिछले तीन हफ्तों में आतंकियों ने 11 मासूम आम नागरिकों की हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया है. इन घटनाओं के बाद पूरी कश्मीर घाटी में डर का माहौल है.

क्या होता है ‘ड्रोन ग्रिड’?
ड्रोन ग्रिड (What is Drone Grid) यानी अनेक ड्रोन के जरिए इलाके पर नजर बनाए रखना. इस ग्रिड में कई ड्रोन तैनात किए जाएंगे जिनसे संवेदनशील इलाकों की लाइव वीडियो कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और इसके जरिए उन इलाकों में हो रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी. किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही कंट्रोल रूम से उस इलाके में तैनात सुरक्षा बलों को तुरंत सूचित किया जाएगा, ताकि किसी अप्रिय घटना को समय से रोका जा सके.

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर बनाया जाएगा ड्रोन ग्रिड
CRPF के DIG नार्थ कश्मीर मैथ्यू जॉन ने न्यूज18 इंडिया से कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह और आईजीपी कश्मीर विजय कुमार की बैठक में यह फैसला लिया गया कि स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ आपसी सहयोग से ड्रोन ग्रिड तैयार करेंगे ताकि अल्पसंख्यक इलाकों को कवर किया जा सके. स्थानीय पुलिस और CRPF के ड्रोन इस सुरक्षा ग्रिड में तैनात किए गए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ड्रोन ग्रिड के जरिए अगर किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चलेगा तो सुरक्षा बल तुरंत कार्रवाई करते हुए कदम उठाएंगे.अधिकारी ने कहा कि इस कदम से गैर कश्मीरियों का विश्वास बढ़ेगा और वो खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे. बिना संख्या बताए अधिकारी ने न्यूज18 इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि सुरक्षाबलों के पास ड्रोन ग्रिड के लिए पर्याप्त ड्रोन उपलब्ध हैं. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह तैनाती गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के कश्मीर दौरे के बाद भी जारी रहेगी, ताकि गैर कश्मीरी समुदाय के लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.


23 से 25 अक्टूबर को शाह करेंगे घाटी का दौरा
उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री अमित शाह 23 से 25 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे. इस दौरे पर गृहमंत्री अमित शाह सुरक्षा की समीक्षा पर बड़ी बैठक करने वाले हैं. अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद गृहमंत्री का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा होगा.