नई दिल्ली । डिवाइस एक छोटे हीट पम्प के रूप में भी काम कर सकता है। शोधकर्ताओं ने थर्मोइलेक्ट्रिक डिवाइस के लिए एक नया किफायती इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट मैटेरियल विकसित किया है, जो ऊंचे तापमान पर स्थिर रहता है। थर्मोइलेक्ट्रिक मैटेरियल अपनी दोनों सतहों के तापमान के अंतर के उपयोग के द्वारा बिजली पैदा कर सकता है। थर्मोइलेक्ट्रिक डिवाइस एक छोटे हीट पम्प के रूप में भी काम कर सकती है, जिसमें ऊष्मा एक तरफ से दूसरी तरफ गति करती है। थर्मोइलेक्ट्रिक मैटेरियल तापीय ऊर्जा को एक प्रक्रिया के माध्यम से सीधे बिजली में तब्दील कर देता है, जिसमें एक ठोस अवस्था में इलेक्ट्रॉन और फोनन के प्रसार की प्रक्रिया शामिल होती है। भले ही इस सिद्धांत को दो सदियों से जाना जाता है, लेकिन इसकी सीमित उपयोगिता रही है क्योंकि सबसे ज्ञात थर्मोइलेक्ट्रिक मैटेरियल्स की ऊर्जा रूपांतरण की क्षमता काफी कम है। नैनो टेक्नोलॉजी ने मैटेरियल्स की दक्षता में सुधार के लिए कई नवाचार पेश किए, लेकिन 6-10 प्रतिशत की कम डिवाइस रूपांतरण दक्षता के कारण ऐसे नवाचारों का बाजार में व्यापक उपयोग नहीं हुआ है। इस प्रकार, इससे पैदा बिजली अन्य तकनीकों की तुलना में महंगी पड़ती है।