नई दिल्ली. चीन और पाकिस्तान (China-Pakistan) के साथ लगती सीमाओं पर बढ़ी गतिविधियों के बीच भारतीय सेना के टॉप अधिकारी (Indian Army Top Officers) सोमवार को हाई लेवल मीटिंग (High Level Meeting) करने वाले हैं. इस बैठक में चीन-पाकिस्तान की बढ़ती गतिविधियों से मुकाबला करने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. बता दें कि बीते कुछ समय में पाकिस्तान की तरफ से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए हैं. साथ ही पाकिस्तान घुसपैठ के प्रयास लगातार कर रहा है. वहीं चीन की तरफ से पूर्वी सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती की जा रही है.
आर्मी कमांडरों की बैठक में चीन के साथ लगती उत्तरी सीमा के हालात और पश्चिमी सीमा पर आतंकियों के समर्थन में पाकिस्तानी कार्रवाई पर चर्चा की जा सकती है. इस बैठक में पंजाब और उससे लगे इलाकों में पाक आर्मी आईएसआई की गतिविधियों पर भी वार्ता हो सकती है.
 भारतीय सेना ने बीते साल पूर्व लद्दाख में चीनी घुसपैठ के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया था. भारत ने इस सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात कर दिए थे. जून 2020 में गलवान घाटी की घटना के बाद भारत ने बेहद सख्त रुख अपनाया था. इसी क्रम में अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना ने अपनी पहली एविएशन ब्रिगेड स्थापित कर दी है. इस एविएशन ब्रिगेड का काम सिर्फ फारवर्ड बेस पर सैन्य साजोसामान पहुंचाना और बचाव कार्यों तक ही सीमित नहीं है बल्कि ये ब्रिगेड वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के एयर स्पेस की निगरानी भी करती है. साथ ही ये चीन के एयरस्पेस पर भी पैनी नजर रखती है.