Wednesday, 18 October 2017, 12:18 AM

जीवन मंत्र

नहीं दरकेंगे रिश्ते

Updated on 16 July, 2015, 13:25
शादी के बाद डेटिंग करें तो मिलेगा क्वालिटी टाइम। कभी लांग ड्राइव पर निकल जाएं तो कभी फिल्म देख आएं। कभी दस मिनट रुककर आइसक्रीम खा लें तो गुजार सकते हैं बेहतरीन पल। हाल ही में आया एक सर्वे बताता है कि क्वालिटी टाइम की कमी से रिश्ते दरक रहे... आगे पढ़े

जीवन में समता यानी संतुलन बहुत जरूरी है

Updated on 14 July, 2015, 13:13
जीवन में समता यानी संतुलन बहुत जरूरी है, लेकिन अधिकांश लोगों का जीवन असंतुलित बना हुआ है। हमने एक ऐसी मानसिक स्थिति का निर्माण कर रखा है कि सुख की स्थिति आने पर हम खुशी से उछल जाते हैं और दुख की स्थिति में मानो मुरझा जाते हैं जबकि हमें... आगे पढ़े

यह है हमारे दुखी रहने का कारण, इससे ऐसे बचें

Updated on 14 July, 2015, 7:23
हम अपेक्षा के सागर में डूबते-उतराते रहते हैं, यही हमारे दुखी रहने का कारण है। यदि हम दूसरों से अपेक्षाएं न लगाकर, दूसरों को बदलने के बजाय खुद को बदलें, तभी हम अपेक्षाओं के सागर के पार उतर सकेंगे। एक अरसे बाद मुलाकात में एक मित्र बातों ही बातों में पते... आगे पढ़े

भूत सिद्धि – शरीर को शून्य में विलीन करना

Updated on 11 July, 2015, 16:38
अगर किसी को पांच तत्वों पर सिद्धि प्राप्त हो, तो शरीर का त्याग करके उसे शून्य में विलीन किया जा सकता है। फिर शरीर का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता। बहुत से योगियों ने ऐसा किया है। तमिलनाडु में वल्लालर रामालिंगा आदिगालार नाम के एक योगी थे। एक दिन, वे एक... आगे पढ़े

एकत्व-बोध की ऊर्जा

Updated on 11 July, 2015, 13:07
भेदभाव करने वाले अक्सर दुखी और निराश दिखाई देते हैं, जबकि समानता का व्यवहार करने वाले हमेशा प्रसन्न और ऊर्जावान। भारतीय दर्शन सभी जीवों में एकत्व की बात कहकर लोगों को अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करने की सलाह देता है... एक सांप परिवार के साथ बिल में रहता था। इसी... आगे पढ़े

मनुष्य को दूसरे से ईष्या नहीं रखना चाहिए जो ऐसा करता है वह सुखी नहीं रहता

Updated on 11 July, 2015, 13:01
इटारसी। श्री द्वारिकाधीश बड़ा मंदिर में इस समय पुरूषोतम मास की आखरी और चौथी कथा शिवपुराण की चल रही है। कथा व्यास आचार्य नरेन्द्र शास्त्री को सुनने सैकड़ो श्रद्घालु आ रहे है। श्रीमती शांतिदेवी पगारे एवं श्री महादेव पगारे की स्मृति में शिव पुराण का आयोजन किया गया है। कथा... आगे पढ़े

जीवन में जागृति नितांत आवश्यक है

Updated on 9 July, 2015, 12:04
जीवन में जागृति नितांत आवश्यक है। जीव की परमगति में जागृति का विशेष महत्व है। हम कई बार सोते और जागते हैं, परंतु ध्यान देने योग्य बात यह है कि समय कभी नहीं सोता। अगर समय सो गया, तो हम और आप सब हमेशा के लिए सो जाएंगे। सोये रहने... आगे पढ़े

हम जो देते हैं वही हमारा गुण बन जाता है

Updated on 9 July, 2015, 7:27
पानी, हवा, अंतरिक्ष और पूरा जगत ही रंगहीन है। यहां तक कि जिन चीजों को आप देखते हैं, वे भी रंगहीन हैं। रंग केवल प्रकाश में होता है। आप जो भी रंग चाहते हैं, वे सभी सिर्फ प्रकाश में है। अगर प्रकाश किसी वस्तु पर पड़ता है और वह वस्तु कुछ... आगे पढ़े

दादी से दोस्ती

Updated on 8 July, 2015, 13:29
मम्मी-पापा के पास तो बच्चों के लिए टाइम है नहीं। ऐसे में बच्चों से दिल की बात कौन पूछे? दादी मां ने इस मुश्किल का हल निकाल लिया है। वे बन गई हैं उनकी हमजोली। स्कूल के किस्से ही शेयर नहीं करतीं, पिज्जा-बर्गर में भी बराबर का साथ देती हैं।... आगे पढ़े

जीवन-ऊर्जा का संरक्षण

Updated on 6 July, 2015, 13:02
अधिकांश लोग जीवन में सब कुछ अपने मन के अनुसार करने के लिए अपनी बहुमूल्य ऊर्जा को नष्ट करते रहते हैं। जब ऐसा नहीं हो पाता तो मन व शरीर पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है, हावभाव बदल जाते हैं, ऐसे में तनाव होना निश्चित है। विपरीत असर को झेलने... आगे पढ़े

साधना की झाडू से दूर करें मन की चंचलता

Updated on 4 July, 2015, 9:23
मन के सदनुष्ठान बड़े कठिन हैं, क्योंकि मन अति चंचल है। मन प्राय:विक्षुब्ध सागर जैसा बना रहता है। विचारों की तरंगों पर तरंगों उठती रहती हैं। एक विचार पूरा न हो इतने में दूसरे अनेक विचार उठ खड़े होते हैं। जिन विचारों को स्थाई रूप देना चाहते हैं, वे गायब... आगे पढ़े

मन की शुचिता को इस तरह बनाएं सौभाग्यशाली

Updated on 4 July, 2015, 9:23
दुःख से हम सब डरते हैं, यह जानते हुए भी सुख-दुख दोनों ही जीवन के अनिवार्य पहलू हैं और दोनों अस्थाई हैं। अध्यात्म की मान्यता है कि आत्मा ही परम आनंद है और दुख हमें आत्मा के निकट ले जाता है। केवल एक बात याद रखो कि तुम कितने सौभाग्यशाली हो।... आगे पढ़े

सफल जीवन के मूलमंत्र

Updated on 3 July, 2015, 13:50
यह तो आपने भी सुना होगा कि परिश्रम और धैर्य से ही सफलता मिलती है, लेकिन आपका ध्यान अपने लक्ष्य पर बराबर रहना चाहिए। फिर सफलता को कोई आपसे दूर नहीं कर सकता - किसी भी कार्य को करते हुए असुरक्षा या नकारात्मक भाव मन में न लाएं। आप जब कार्य... आगे पढ़े

30 टिप्स फिजूलखर्ची से बचने के

Updated on 30 June, 2015, 12:02
बचत..! काफी मुश्किल काम है इस दौर में यह। लेकिन एक कहावत यह भी है कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है। थोड़ी सी मेहनत, योजना और बुद्धिमत्त से इस बूंद-बूंद को बचाया जा सकता है। राशन, बिजली, गैजेट्स, कपड़ों, पेट्रोल या फोन बिल्स में थोड़ी कटौती संभव है। जानिए कैसे..! राशन... आगे पढ़े

स्मार्ट महिला.. स्मार्ट खाता

Updated on 29 June, 2015, 12:12
डिजिटल दुनिया की जरूरत है कि स्मार्टली मैनेज हो आपकी बैंक डिपॉजिट। जानें कि कैसे एटीएम के इस्तेमाल से लेकर मोबाइल एलर्ट तक अब आपके साथ चौबीसों घंटे है ताकत अपने पैसे तक पहुंच और इस पर नियंत्रण की.. दिनभर की भागमभाग वाली जिंदगी में लगी स्मार्ट महिलाओं को चाहिए एक... आगे पढ़े

भीतर की संपदा

Updated on 28 June, 2015, 11:14
बाहरी धन-संपदा से ज्यादा महत्वपूर्ण है भीतर की संपदा। अंतस के धनी बनकर ही हम सही मायने में सफल कहलाएंगे... कणाद ऋषि के बारे में किंवदंती है कि खेतों में जो अन्न कण पड़े रह जाते थे, उससे अपना पेट भरते थे, इसीलिए उनका नाम कणाद पड़ा। एक कथा है कि... आगे पढ़े

ध्यान से हो मन का मैनेजमेंट

Updated on 27 June, 2015, 10:25
नींद की तरह ध्यान से भी हमें जैव-रासायनिक संतुलन प्राप्त होता है, जिससे हम भीतर-बाहर के सारे युद्धों में विजयी होने की क्षमता रखते हैं। ध्यान हमें मन को शांत तथा मौन रखते हुए सफलता का शिखर छूने में मदद करता है।   मौन के बिना सफलता वैसी ही है, जैसे गंध... आगे पढ़े

सच बोलो पर मीठा भी बोलो

Updated on 27 June, 2015, 10:25
कभी-कभी व्यक्ति अपने चरित्र से, चिंतन से, स्वभाव से, व्यक्तित्व से, आचरण से, उपस्थिति से बहुत कुछ बोलता है। कहीं-कहीं ग्रंथों से संकेत दिए हैं कि व्यक्ति को बोलने की आवश्यकता नहीं है। बोलना तो व्यर्थ है।   महापुरुष मौन से ही संकेत दे देते हैं। उनका तो आचरण और उपस्थिति ही... आगे पढ़े

योग आनंद मानव कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है

Updated on 27 June, 2015, 10:08
योग आनंद का ऐसा स्नोत है जो मानव कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग से आनंद और सुख की प्राप्ति होती है और योगी का आचार-विचार परिष्कृत हो जाता है। भारतीय योग को जब विदेशों में 'योगा' नाम से प्रसिद्धि मिली, तब जन-मानस इसकी ओर कहीं ज्यादा आकृष्ट होने... आगे पढ़े

प्रकृति और मनुष्य का अंतर संबंध

Updated on 26 June, 2015, 10:30
अपने आसपास प्रकृति कितने रूपों में खिलती और इठलाती है। यहां ही जीवन की प्रेरणा छुपी है। जीवन का रस छुपा है और जीवन के लिए संदेश भी। प्रकृति में बहुत कुछ निहित है।   मैं विश्वास करता हूं कि एक छोटे-से फूल के सौंदर्य में जो शक्ति छुपी हुई है, वह... आगे पढ़े

समस्याओं को समझें मिलेगी शांति

Updated on 26 June, 2015, 10:29
आम आदमी ज्यादातर अपनी तात्कालिक समस्याओं जैसे अभाव, बेरोजगारी, बीमारी, द्वंद आदि में ही घिरा रहता है। तो जीवन के गहरे मुद्दों की ओर वह कैसे ध्यान दे सकता है? लेकिन इसका जवाब ढूढें तो पाएंगे कि हम तत्काल के प्रति ज्यादा चिंतित रहते हैं दूर के प्रति हमारी दृष्टि... आगे पढ़े

जो आप नहीं हैं उसका दिखावा क्यों

Updated on 25 June, 2015, 10:38
अगर आप दिखावे के फेर में पड़ते हैं तो अपनी स्वाभाविकता को खोते हैं अपनी पहचान को खोते हैं और बदले में पाते कुछ भी नहीं। दूसरों की तरह दिखने का विचार हमारा बहुत नुकसान करता है। हर किसी के व्यक्तित्व में बहुत सारी खूबियां और कमियां होती हैं।   अपनी अच्छाइयों... आगे पढ़े

अनुभवों से भरा हमारा जीवन

Updated on 25 June, 2015, 10:37
मैं मानता हूं कि जीवन आवश्यक रूप से सुख और दु:ख, आनंद और कष्ट, सफलता और असफलता तथा प्रकाश और छाया का मिला-जुला रूप है और जब तक हम इनका अतिक्रमण करने की क्षमता नहीं प्राप्त कर पाते, हमें इनको अपनी अध्यात्मिक प्रगति,आवश्यक पड़ाव ही मानना चाहिए।   और यह कि प्रत्येक... आगे पढ़े

चालबाजियों में नहीं है जीवन का सुख

Updated on 24 June, 2015, 10:27
अगर हम खुद को श्रेष्ठ और बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं तो हमारे दिमाग में कई तरह की चालबाजियां आने पर भी हम उनमें भाग नहीं लेते। हम ईमानदारी से जीवन जीते हैं। चालाकियों के साथ हम दूसरों को प्रभावित तो कर सकते हैं लेकिन ये हमें... आगे पढ़े

जानिए समृद्धि का सूत्र

Updated on 24 June, 2015, 10:26
जीवन विचारों का प्रतिफलन है। यह 'जैसा बोया वैसा पाया' के सिद्धांत पर चलता है। विचार ही हमारे मित्र हैं और वही शत्रु भी। इसलिए विचारों को परखिए। चिंतन-मनन कीजिए। उसके बाद सिर्फ उन्हीं विचारों को ग्रहण कीजिए, जो उपयुक्त हों।   एक बात अक्सर कही जाती है कि 'खर्चे कम करो।'... आगे पढ़े

प्रकृति के हर कण में होती है खुशी

Updated on 23 June, 2015, 9:38
जीवन परमात्मा का प्रसाद होता है। इसे यों भी कह सकते हैं कि जीवन पूर्ण परमात्मा की आंशिक अभिव्यक्ति है। इसलिए हम मानते हैं कि हमारे अंतर्मन में परमात्मा निवास करता है। परमात्मा प्राणरूप में हमारे सूक्ष्म और स्थूल शरीर का संचालन करता है। इसलिए जीवात्मा को परमात्मा भी कहते... आगे पढ़े

भय से भागें नहीं सामना करें कुछ इस तरह

Updated on 22 June, 2015, 18:54
जब हम अपने भय से नजरें चुराते हैं, तो वह हमें और भी डराता है। भय पर विजय पाने के लिए हमें उसकी आंखों में आंखे डालकर देखना होगा। तभी हम दुनिया की खूबसूरती का पूर्णता के साथ अहसास कर सकते हैं।   अधिकतर लोगों का जीवन सुखद और दुखद घटनाओं से... आगे पढ़े

शांति को बाहर नहीं अंदर महसूस करें

Updated on 19 June, 2015, 9:37
 क्या आप जानते हैं कि मनुष्य किस चीज का बना हुआ है? मनुष्य 6 चीजों से बना है- ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और नाइट्रोजन! चाहे वह अमेरिकन हो, ऑस्ट्रेलियन या अफ्रीकन हो! सत्तर प्रतिशत आप पानी हैं। पानी से आपको क्या दुश्मनी है? आप दूसरे मनुष्य से दुश्मनी क्यों... आगे पढ़े

सकारात्मक शक्ति के पीछे छिपे रहस्य का अनछुआ राज

Updated on 17 June, 2015, 12:13
सकारात्मक सोच रखने वाले अच्छे माता-पिता, अच्छे पति-पत्नी और अच्छे अधिकारी साबित होते हैं, जबकि नकारात्मक लोगों की पूरी ऊर्जा लोगों को गलत साबित करने में ही व्यय होती है। हम चाहें, तो अपने व्यक्तित्व को सकारात्मकता की ओर मोड़ सकते हैं। हमारा मन एक कंप्यूटर की तरह काम करता है... आगे पढ़े

लेखक बनने का मूलमंत्र

Updated on 14 June, 2015, 13:35
एक प्रसिद्ध लेखक के सम्मान में एक कॉलेज के छात्रों ने भोज का आयोजन किया। उस भोज में नगर के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। छात्रों का इतना भव्य आयोजन देखकर लेखक बहुत खुश हुए। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि, 'इस कॉलेज के छात्र बहुत उत्साही हैं।... आगे पढ़े

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