Sunday, 17 December 2017, 1:28 PM

जीवन मंत्र

तनाव में है तो किसी की मदद करने से बेहतर महसूस होगा!

Updated on 15 December, 2015, 11:11
न्यूयॉर्क। अपने दोस्तों, परिचितों और यहां तक कि अनजान लोगों की भी मदद करना रोजमर्रा के तनाव के कारण हमारी भावनाओं और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम कर सकता है। एक सर्वे में यह दावा किया गया है। अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता एमिली... आगे पढ़े

मरते वक्त मुंह में तुलसी, गंगाजल और मुसलमान आबे जमजम रखते हैं

Updated on 8 December, 2015, 19:49
कहते हैं क‌ि ज‌िस द‌िन जीव का जन्म होता है यमराज उसी द‌िन से उसके पीछे लगे रहते हैं और जैसे ही मौत का समय आता है उसे अपने साथ लेकर इस द‌ुन‌िया से चले जाते हैं। इसल‌िए ज‌िसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु न‌िश्च‌ित है। लेक‌िन मृत्यु के बाद... आगे पढ़े

यह दो काम नहीं करने वाले का धन नाश होता है

Updated on 5 December, 2015, 14:14
अगर आप चाहते हैं क‌ि आपका धन बढ़े और आप सुख पूर्वक जीवन जीएं तो हमेशा यह दो बातें याद रखें क्योंक‌ि जो इन्हें याद नहीं रखते हैं और अपने धन को बचाने की कोश‌िश करते रहते हैं उनका धन क‌िसी न क‌िसी रूप में नाश हो जाता है और... आगे पढ़े

अवश्य फल देते कर्म

Updated on 5 November, 2015, 7:47
कर्मफल एक अटल सत्य है. क्रिया की प्रतिक्रिया सुनिश्चित है. जो किया गया है, उसका भुगतान आज नहीं कल अवश्य ही करना होता है. हां, ऐसा हो सकता है कि कुछ कर्म देर से फल देते हैं, और कुछ तत्काल. शराब, गांजा के सेवन करते ही नशा चढ़ता है. विषपान... आगे पढ़े

काम के दौरान तनाव से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय!

Updated on 25 October, 2015, 23:05
नई दिल्ली। तनाव से बचने के लिए अपने दफ्तर में काम करने के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर बाद ब्रेक लेते रहें। यानी थोड़ा टहलें और हल्का नाश्ता और चाय या कॉफी लें, फिर काम में लगें। ऐसा आठ घंटे के दौरान दो या तीन बार करें। तनाव आपके पास नहीं आएगा।... आगे पढ़े

3 मिनट मेडिटेशन से पूरे दिन की ताजगी

Updated on 5 October, 2015, 10:51
भागदौड़ के इस जमाने में सेहत कहीं पीछे छूटती जा रही है। स्टूडेंट्स से लेकर युवा तक सभी तनाव की चपेट में हैं। सभी इससे निजात पाना चाहते हैं। ऐसे अगर कोई कहे कि महज 3 मिनट में पूरे दिन के लिए ताजगी मिल सकती है तो शायद आपको यकीन... आगे पढ़े

आपके पास है ऐसा बल जो बना सकता है आपको महान

Updated on 5 September, 2015, 20:31
गौतम बुद्ध एक बार अपने अनुयायियों को प्रवचन दे रहे थे तब उन्होंने विराट नगर के राजा सुकीर्ति की कथा सुनाई। वह कहते हैं कि राजा सुकीर्ति के पास लौहशांग नामक एक हाथी था, जिसके जरिए राजा ने कई युद्धों में विजय पाई थी। युद्ध कला में प्रवीण लौहशांग जब... आगे पढ़े

अपने आत्मविश्वास से जुड़ें ... ये हैं 10 आसान रास्ते

Updated on 4 September, 2015, 20:05
जिंदगी में कामयाब होने के लिए सबसे जरूरी यदि कुछ है तो वह है आपका आत्मविश्वास... आपने अलग-अलग फील्ड के कामयाब लोगों से बात करते हुए पाया होगा कि उनका आत्मविश्वास कमाल का है। यही आत्मविश्वास उन्हें आगे बढ़ने और कुछ करने की प्रेरणा देता रहता है। इसलिए जरूरी है... आगे पढ़े

बच्चों की ऊर्जा शक्ति को विकसित करने की आवश्यकता है

Updated on 31 August, 2015, 12:37
नेपोलियन बोनापार्ट के जीवन को समझें। उसने अपनी ऊर्जा शक्ति स्वयं विकसित की। जब वह ऐसा कर सकता है तो आप क्यों नहीं? इसलिए आप अपने नाम के पहले जितने भी अलंकार, पद व पुरस्कारों के नाम लगाना चाहें, लगा लें, ताकि आपको यह याद रहे कि आप इतने अलंकारों... आगे पढ़े

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

Updated on 31 August, 2015, 9:32
दूसरों की प्रसिद्धि से हतोत्साहित होने के बजाय कुछ पाने की तरफ कदम बढ़ाएं। भले ही छोटी सफलता मिले लेकिन वह आपको बड़ी खुशी देगी। कभी-कभी जीवन में बहुत खालीपन का एहसास होता है। आप उत्तर ढूंढने की कोशिश करते हैं कि आखिर यह खालीपन क्यों है। अपने जॉब को लेकर... आगे पढ़े

दोस्तों को इन पैमानों पर परखें

Updated on 31 August, 2015, 9:31
मित्र की मदद से हमारा जीवन आगे बढ़ना चाहिए, दोषों पर नियंत्रण होना चाहिए। मित्रों के चयन से पहले से कुछ पैमानों पर विचार करने से हम बेहतर मित्र बना सकते हैं। हमारे जीवन पर मित्रों का गहरा प्रभाव रहता है। वे हमारे व्यवहार और विचार को प्रभावित करते हैं। कई... आगे पढ़े

तो यह है जीवन का परमआनंद

Updated on 30 August, 2015, 9:09
हमारे धर्म ग्रंथों में अमूमन इस बात का उल्लेख मिलता है कि ईश्वर की शरण में जाने से मनुष्य को परम आनंद की प्राप्ति होती है। आखिर ये परम आनंद क्या है? ये कहां मिलता है? एक आम आदमी को इन दोनों प्रश्नों का उत्तर कभी नहीं मिल पाता और इसीलिए... आगे पढ़े

वर्तमान का आनंद उठाएं, भविष्य आनंदमय होगा

Updated on 30 August, 2015, 9:08
जर्मन मूल के आध्यात्मिक गुरु एक्हार्ट टाल का चिंतन कहता है, वर्तमान में होने वाली घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने की बजाए उसे सहज भाव से स्वीकार लेना ही हमारे जीवन को आनंदमय बना देता है। अतीत और भविष्य को छोड़ वर्तमान के साथ चलकर यह सुख हर व्यक्ति पा सकता... आगे पढ़े

जीवन जीने के दो ढंग

Updated on 28 August, 2015, 9:22
हमारी चेतना पर जब विचारों का बहुत बोझ होता है, मन में ऊहापोह होती है, तो समझें कि चेतना कैद हो गई है, उस पर ताला लग गया है। इस कैद से परे जाने पर ही आनंद मिल सकता है। जीवन जीने के दो ढंग हैं- एक ढंग है चिंतन का,... आगे पढ़े

बंधन नहीं मुक्ति का परिचय है धर्म

Updated on 28 August, 2015, 9:21
हम सभी अपने धर्मों को श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं। हम दूसरे धर्मों की खूबियों के प्रति आंख मूंदे रहते हैं। सच्ची धार्मिकता तो तमाम तरह के बंधनों से मुक्त होने में ही है। यह जीवन, यह अस्तित्व, यह दुनिया एक है, लेकिन हमारा मन इसे खंडों में बांट देता है... आगे पढ़े

चालबाजियों में नहीं है जीवन का सुख

Updated on 26 August, 2015, 8:00
अगर हम खुद को श्रेष्ठ और बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं तो हमारे दिमाग में कई तरह की चालबाजियां आने पर भी हम उनमें भाग नहीं लेते। हम ईमानदारी से जीवन जीते हैं। चालाकियों के साथ हम दूसरों को प्रभावित तो कर सकते हैं लेकिन ये हमें... आगे पढ़े

ई-राखी से रिश्ता बनाएं खास

Updated on 25 August, 2015, 13:51
यूं तो करीबी रिश्तों को निभाने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं होती, फिर भी रक्षाबंधन का इंतजार हर किसी को रहता है। भाई-बहन के चुहल भरे प्यारे से रिश्ते का त्योहार होता ही है इतना खास। इसलिए जब दोनों में से कोई एक भी दूर होता है,... आगे पढ़े

सत्य कहना और सहना दोनों ही कठिन हैं

Updated on 22 August, 2015, 12:36
सत्य ईश्वर प्रदत्त वह दिव्य शक्ति है, जिसे सांसारिक एषणाओं की कोई भी तीव्रतर व दृढ़तम तलवार काटने का साहस नहीं कर सकती। सत्य वह कवच है, जिस पर झूठ, फरेब, अनास्था, अनाचार, पाप, पश्चाताप, वैमनस्य और ईष्र्या के दुर्ग सहज रूप में टकराकर बुर्ज-बुर्ज हो जाते हैं। सत्य कहना... आगे पढ़े

तुलना और स्पर्धा की दौड़ में इसीलिए बने रहें?

Updated on 20 August, 2015, 7:54
जब आपकी तुलना किसी दूसरे से की जाती है आपकी पढ़ाई के बारे में, आपके खेलकूद के बारे में अथवा आपके रूप या चेहरे के बारे में-तब आप व्यग्रता, घबराहट और अनिश्चितता के भाव से भर जाते हैं। इसलिए यह नितांत आवश्यक है कि हमारे विद्यालय में तुलना का यह एहसास,... आगे पढ़े

जिंदगी में हमेशा चीजों से उलझने के बजाय बचना सीखो

Updated on 18 August, 2015, 13:55
मेरा मानना है कि सकारात्मक नजरिया दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चीज है। हमारी तमाम अच्छाइयां इसी से निकलती हैं कि हम जिंदगी को कितनी सकारात्मकता के साथ देखते हैं। कोई भी इंसान कई मौकों पर बाहरी दुनिया में असफल होता है और उसके भीतर भी कश्मकश चलती रहती है। लेकिन... आगे पढ़े

खुद को आजाद करने का एक पल

Updated on 16 August, 2015, 9:05
'कूद कर तो देखो, तुम्हें बचाने वाला एक जाल अपने-आप प्रकट हो जाएगा।' मशहूर अमेरिकी लेखक सैली हॉग्सहेड की कही इस बात का मर्म मैं आगे एक और प्रश्न पूछकर समझाना चाहूंगी। क्या आप उन लोगों में से हैं, जो किसी ना किसी 'डर' की दासता में अपना जीवन गुजार रहे... आगे पढ़े

दरवाजे बताते हैं जिंदगी का रहस्य

Updated on 16 August, 2015, 9:02
हर रोज एक ही राह से होकर गुजरना वहीं ले जाता है, जहां हम हर रोज पहुंचते हैं। और जब चल ही एक राह पर रहे हैं, तो फिर नई मंजिलें न पा सकने की उदासी क्यूं? जीवन में कुछ नया चाहिए तो नए दरवाजे चुनने ही पड़ते हैं। ये... आगे पढ़े

देने के भाव से खुद को बनाएं देव

Updated on 16 August, 2015, 8:32
दुनिया में दो तरह के प्राणी होते हैं। कुछ प्राणी जो प्राप्त करते हैं, उसे वे अपने तक ही सीमित रखते हैं और कुछ प्राणी उसे बांट देते हैं। अगर आप बांटने का चुनाव करते हैं तो आप देव बन जाते हैं। अगर आप उसे जमा करते जाते हैं तो... आगे पढ़े

सभी प्राणी सुख से जीना चाहते हैं

Updated on 14 August, 2015, 11:34
सभी प्राणी सुख से जीना चाहते हैं। दुख सभी को अप्रिय है। फिर भी दुख बिना बुलाए मेहमान की तरह जीवन में आ जाते हैं। अतिथि की तरह दुख हमारे जीवन-द्वार पर बार-बार आकर दस्तक देते हैं। पिछले जन्म में हमने जो कर्म किए, उन्हें हम देख नहीं सकते हैं।... आगे पढ़े

मनुष्य को नीति-मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए

Updated on 13 August, 2015, 11:24
 पापों से विमुक्त होकर, भले व्यवहार से प्रभु-निकटता पाकर अलौकिक आनंद का अनुभव करना ही मुक्ति है। आशय यह है कि पापों से और पशुत्व से छूटकर शाश्वत आनंद प्राप्त करना ही मुक्ति है। आत्मा के गुणों की वृद्धि करके उसके अनुकूल बनाना ही ‘मुक्ति-मार्ग’ है। सभी शक्तियों की उन्नति... आगे पढ़े

स्वर्ग या नर्क? हमारे हाथ में हैं दोनों

Updated on 11 August, 2015, 9:23
अपने जीवन के हर क्षण को आनंदपूर्ण बनाना व्यक्ति के ही हाथ में होता है। अगर वह अपने ईगो पर नियंत्रण रखता है तो अपनी आंतरिक सुंदरता को विस्तार देता है और दूसरों से अधिक सहजता से जुड़ पाता है। जीवन को समृद्ध और सुंदर बनाने के लिए ईगो का... आगे पढ़े

7 सूत्र सफलता के

Updated on 10 August, 2015, 8:28
हर कोई अपने कॅरियर में सफल होना चाहता है। यह बात और है कि सफल होने की तमन्ना रखने वाले लोगों में से बहुत से लोग सार्थक प्रयास नहीं करते हैं... 1. कार्य को टालें नहीं कार्य टालने की आदत आपको असफलता की राह पर ले जाती है। किसी कार्य को करने... आगे पढ़े

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

Updated on 8 August, 2015, 11:29
 जीवन के किसी भी क्षेत्र और अवस्था में यदि असफलता हाथ लगती है, तो उसका कारण केवल मेहनत की कमी नहीं होता। मेहनत को प्रेरित करने वाला तत्व संकल्प शक्ति है। इतिहास साक्षी है कि कठिनाइयों का सामना अपने अदम्य साहस और अटूट विश्वास के बल पर किया जा सकता... आगे पढ़े

जब गुस्सा आए तो विवेक आजमाएं

Updated on 7 August, 2015, 7:31
जापान के किसी गांव में एक समुराई बूढ़ा योद्धा रहता था। उसके पास कई समुराई युद्धकला सीखने आते थे। एक बार एक विदेशी योद्धा उसे पराजित करने के लिए आया। वह साहसी था। उसके बारे में यहां तक कहा जाता था कि वह जहां भी जाता विजय होकर ही वापस... आगे पढ़े

किसी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए

Updated on 6 August, 2015, 13:24
नेपोलियन बोनापार्ट कहीं जा रहा था। रास्ते में उसकी नजर एक दृश्य पर पड़ी। वह रुक गया। उसने देखा कई कुली मिलकर भारी खंभों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। पास में ही खड़ा एक व्यक्ति उन्हें तरह- तरह के निर्देश दे रहा है। नेपोलियन ने उस आदमी के... आगे पढ़े

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