Wednesday, 28 June 2017, 7:29 PM

उपदेश

यह है सुंदर संसार की परिभाषा

Updated on 6 March, 2016, 15:34
जब तक हमारे पास सिर्फ शब्द हैं, उनका अर्थ नहीं तब तक हमारे पास जानकारी ही है, ज्ञान नहीं। हमारी तलाश अर्थ की तलाश होना चाहिए। वह किसी से मिलती नहीं है बल्कि खुद खोजना पड़ती है। हम सोचते हैं कि परिभाषा को समझ लेने पर हम उस शब्द को समझ... आगे पढ़े

किसी को भी कमतर न आंके

Updated on 5 March, 2016, 8:14
एक बार चौड़े रास्ते ने पगडंडी से कहा, 'मुझे लगता है कि तुम मेरे आसपास ही चलती हो।' पगड़ंगी ने विनम्रता से कहा, 'नहीं मालूम, तुम्हारे रहते लोग मुझ पर ही चलना क्यों पसंद करते हैं। जब कि मैं तुमसे काफी छोटी हूं।' उसी समय संयोगवश एक वाहन आकर रुका। सामने... आगे पढ़े

ऐसे पाएं आध्यात्मिक ज्ञान?

Updated on 5 March, 2016, 8:13
आध्यात्मिक ज्ञान पाना एक कठिन उपलब्धि है और इसके लिए अत्यंत अनुशासन व समर्पण की आवश्यकता है। आध्यात्मिक ज्ञान की ओर काफी लोग आकर्षित हो रहे हैं। आध्यात्मिक ज्ञान की अनुभुति बहुत ही सुंदर व गहरा महत्व लिए हुए है परंतु हममें से कितने लोग हैं जो इसके महत्व को समझते... आगे पढ़े

कुछ इस तरह बीता ओशो का बचपन

Updated on 18 January, 2016, 10:49
डॉ. ओशो शैलेन्द्र ओशो के जीवन को लेकर बनी मूवी 'रिबेलियस फ्लावर' शुक्रवार 15 जनवरी को रिलीज हो गई। यह कथा मनोरंजक ढंग से हमें यह सोचने को मजबूर करती है कि आज के युग में हम अपने बच्चों को ऐसे अवसर क्यों नहीं दे पाते जो उनके जीवन को भी... आगे पढ़े

सुबह उठते ही नहीं करें यह 7 काम, पूरा द‌िन खराब हो जाता है

Updated on 29 November, 2015, 9:38
1. शास्‍त्रों में मनुष्य की भलाई और सुख-शांत‌ि के ल‌िए कई उपाय बताए गए हैं। ‌शास्‍त्रों में बताया गया है क‌ि हर सुबह मनुष्य का एक नया जन्म होता है और हर रात नींद के साथ उसकी मृत्यु। इसल‌िए हर द‌िन को बेहतर बनाने के ल‌िए कुछ न‌ियमों का पालन... आगे पढ़े

जब धन की कमी से मन घबराए तो इसे जरुर याद करें

Updated on 29 November, 2015, 9:38
बिरजू थका-हारा अपनी झोपड़ी में लौटा। उसका उतरा हुआ मुख देखकर उसकी पत्नी ने पूछा आज भी आपको काम नही मिला? उसने कुछ नहीं कहा। झोंपड़ी में अंधियारा छाया था। बिरजू की पत्नी ने दीपक जलाते हुए कहा, जरा-सा तेल है, पता नहीं यह दीपक भी कितनी देर जलेगा? गरीब बिरजू... आगे पढ़े

कुरान और स्‍त्रीः आंखें नम करने वाली श‌िवाजी की कथा

Updated on 26 November, 2015, 12:12
शिवाजी अपने तंबू में बैठे माधव भामलेकर के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच हाथ में एक ग्रंथ लिए सेनानी पहुंचे। उनके पीछे एक डोला लिए दो सैनिक थे। डोला रखकर वे चले गए। सेनानी ने प्रसन्न मुद्रा में कहा-‘छत्रपते! आज मुगल सेना दूर तक खदेड़ दी गई।... आगे पढ़े

अपनी मां से स्नेह करते हैं तो इसे पढ़कर आंखें नम हो जाएगी

Updated on 26 November, 2015, 12:12
अमेरिका के एक शहर डेट्रायट में एडवर्ड नाम का एक लड़का रहता था। बचपन में उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। परिवार पहले ही बहुत गरीब था, पिता के न रहने पर तो हालत और बिगड़ गई। एडवर्ड की मां एंजिला लगभग अनपढ़ थी। लोगों के घरों में सेवा-चाकरी कर... आगे पढ़े

पंचतंत्र की इस कहानी में छुपा है जीवन का एक बड़ा रहस्य

Updated on 26 November, 2015, 10:58
वह पक्षी बहुत विचित्र था। उसका धड़ एक ही था, परंतु सिर दो थे। भारुंड़ नाम के उस पक्षी के दो सिर होने के कारण एकता  और तालमेल का अभाव था। दोनों एक दूसरे के विपरीत सोचते और काम करते थे। दो सिर होने के कारण भारुंड के दिमाग भी... आगे पढ़े

हर सुबह निकल पड़ते हैं मुंबई के ये फ़रिश्ते

Updated on 5 October, 2015, 10:50
आज के ज़माने मे कोई किसी की छोटी सी भी मदद कर दे तो लोग उसे फ़रिश्ता मान लेते हैं, ऐसे में किसी को ज़िंदगी देने वाला क्या कहलाएगा? मुंबई में मौजूद दो ऐसे लोगों की कहानी को आज भले ही मीडिया में ज़ोर शोर से उछाला जा रहा हो लेकिन... आगे पढ़े

तुम्हें कौनसी शक्ल दिखाऊं बापू? मेरे हाथ तो खून से रंगे हैं

Updated on 2 October, 2015, 10:41
बापू के नाम यह खत मैंने 2 अक्टूबर 2013 को लिखा था। इसकी ज्यादातर बातें आज भी सच लगती हैं। खासतौर से खून से हाथ रंगे होने की। उस वक्त हमने मुजफ्फर नगर के दंगों में अपने हाथ रंगे थे आैर इस साल दादरी इलाक़े के बिसाहड़ा गांव में, जहां... आगे पढ़े

कल‌ियुग के बारे में यह बड़ा रहस्य बताया था श्री कृष्‍ण ने पांडवों को

Updated on 8 September, 2015, 8:36
स्वामी रामसुखदास, एक बार पांडवों ने श्रीकृष्ण से पूछा, कलियुग में मनुष्य कैसा होगा? श्रीकृष्ण ने कहा, तुम पांचों वन में जाओ और जो भी दिखे, उसके बारे में बताओ। पांचों भाई वन में गए। वहां युधिष्ठिर ने देखा कि किसी हाथी की दो सूंड है। अर्जुन दूसरी दिशा में गए।... आगे पढ़े

सुख को सांसारिक समृद्धि में न ढूंढें

Updated on 28 August, 2015, 9:22
हम वस्तुओं में सुख तलाशने की कोशिश करते हैं लेकिन सुख वस्तुओं में है ही नहीं। सुख तो हमारे मन की स्थिति है। बहुत साधारण चीजों के साथ भी अधिक आनंद और अधिक सुखी जीवन व्यतीत किया जा सकता है।' प्राचीन काल से आधुनिक युग तक दुनिया के अधिकांश ग्रंथ परम... आगे पढ़े

जानिए शिर्डी के सांई बाबा के जीवन से जुड़ा एक रहस्य

Updated on 26 August, 2015, 13:35
शिर्डी के सांई बाबा के चमत्कारों और उनके अनुयायियों द्वारा उनकी अनुकंपा के कई किस्से हम आए-दिन सुनते रहते हैं। महान संत और ईश्वर के अवतार सांई बाबा के जन्म और उनके धर्म को लेकर कई विरोधाभास प्रचलित हैं। सांई बाबा ने कभी अपने धर्म को प्रचारित नहीं किया और... आगे पढ़े

श्रीकृष्ण पृथ्वी को मां कहते हैं क्यों कि हम यहां जन्म लेते हैं

Updated on 24 August, 2015, 13:31
स्कंध पुराण 11वां पुराण माना गया है। इस पुराण के प्रथम अध्याय में महाभारत युद्ध का अत्यंत संक्षिप्त वर्णन प्रस्तुत किया गया है। दूसरे और तीसरे अध्याय में नारदजी द्वारा वासुदेव श्रीकृष्ण को राजा निमि तथा नौ योगीश्वरों के संवाद सुनाकर माया, माया से निवृत्ति के उपाय तथा ब्रह्मा एवं कर्मयोग... आगे पढ़े

ऐसे आपकी जिंदगी में खुशहाली व परिवार को सुख की अनुभूति मिलती

Updated on 24 August, 2015, 13:29
हिंदू पुराणों में ऐसे 5 कार्य बताए गए हैं जो आपकी जिंदगी में खुशहाली लाते हैं। इन्हें हर मनुष्य को करना चाहिए। इन कामों को करने से न केवल आप बल्कि आपका पूरा परिवार सुख की अनुभूति प्राप्त करता है। कुलदेवता की पूजा और पितरों का श्राद्ध: जो लोग पितृ और... आगे पढ़े

आश्चर्यजनक हैं गोस्वामी तुलसीदास जी की ये 9 बातें

Updated on 22 August, 2015, 12:22
श्रीरामचरितमानस और हनुमान चालीसा जैसी अनमोल कृति लिखकर गोस्वामी तुलसीदास अपनी इन्हीं कृति के साथ अमर हो गए हैं। गोस्वामी तुलसीदास का जीवन काफी संघर्षमय तरीके से बीता। उनका जन्म उत्तरप्रदेश के बांदा जिले में ग्राम राजापुर में हुआ था। दिनांक 22 अगस्त यानी शनिवार को गोस्वामी तुलसी दास की जयंती... आगे पढ़े

हम निष्पाप होकर ही पूज्य हो सकते हैं

Updated on 18 August, 2015, 7:56
 हम निष्पाप होकर ही पूज्य हो सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि वही व्यक्ति पूजा जाता है, उसी को श्रद्धा के फूल अर्पित किए जाते हैं, जो निष्पाप होता है, नि:स्वार्थ, निष्कलंक होता है। जिसका आदर्श शीशे के समान दैदीप्यमान हो। आपके द्वारा कुछ ऐसे काम होने चाहिए, जिससे लोग कहें... आगे पढ़े

राशि के अनुसार इन उपायों को अपनाकर धन की प्राप्ति की जा सकती है

Updated on 17 August, 2015, 13:19
 धन भौतिक सुविधाओं की प्राप्ति का साधन है इसके बिना संसार में जीना असंभव तो नहीं पर मुश्किल बहुत है लोग धन-प्राप्ति और उसे बढ़ाने के लिये तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं लेकिन राशि के अनुसार इन उपायों को अपनाकर धन की प्राप्ति की जा सकती है। मेष राशि शाम के समय... आगे पढ़े

बड़ी-बड़ी बातें नहीं कम बात करें तो बेहतर

Updated on 15 August, 2015, 12:45
एक व्यक्ति दुनिया घूमकर आया और बड़ी-बड़ी बातें करने लगा। जो भी उसके पास जाता तो वह उससे कई प्रश्न किया करता। जब यह बात गौतम बुद्ध को पता चली तो वह वेश बदलकर उस व्यक्ति के पास पहुंचे। उस व्यक्ति ने उनसे प्रश्न किया। 'कौन हो तुम? कहीं ब्राह्मण तो... आगे पढ़े

शायद ही इस धरती पर कोई ऐसा मनुष्य हो जो अपने जीवन में सुख न चाहता हो

Updated on 14 August, 2015, 11:32
 संस्कृत के एक विद्वान ने सुख और दुख की व्याख्या करते हुए लिखा है कि जो वस्तु, व्यवहार और व्यक्ति हमारे अनुकूल होता है, वह हमारे लिए सुखकारक होता है। शायद ही इस धरती पर कोई ऐसा मनुष्य हो जो अपने जीवन में सुख न चाहता हो और अपने पूरे... आगे पढ़े

यह है आत्मा की मुक्ति का सच्चा मार्ग

Updated on 12 August, 2015, 8:32
किसी धनी व्यक्ति के घर एक संत भिक्षा लेने के लिए गए। उस व्यक्ति के यहां एक तोता था वो पिंजरे में कैद था। तोता संत को देखकर बहुत खुश हुआ। भिक्षा लेने के बाद जब संत जाने लगे तो तोते ने कहा, 'हे महात्मा! में इस पिंजरे में काफी दिनों... आगे पढ़े

दु:ख में भी बनें सहज

Updated on 11 August, 2015, 12:08
जीवन में दु:ख आते हैं और हमें प्रभावित करते हैं लेकिन उन दु:खों का सामना करते हुए संयमित होने का प्रयास ही आत्मशांति की ओर ले जाता है। पिछले हफ्ते वर्ल्डकप फुटबॉल में अर्जेंटीना की हार के बाद मैसी एक नायक की तरह उभरे। कैसा क्षण था कि विजेता टीम को... आगे पढ़े

यह चक्र है लाजवाब

Updated on 9 August, 2015, 21:16
बहुत समय पहले की बात है। पर्शिया राज्य के नागरिक पक्षियों से काफी परेशान थे। बहुत सारे पक्षी आते और वहां के किसानों की फसलों को तबाह कर जाते। परेशान किसान अपना दुःख लेकर वहां के राजा फ्रेडरिक के पास पहुंचे। फ्रेडरिक क्रोधित हो गया। उसने तत्काल घोषणा की कि राज्य... आगे पढ़े

विवेक के प्रयोग से हम विरोधियों को भी सकारात्मक संदेश दे सकते हैं

Updated on 7 August, 2015, 13:49
जापान के किसी गांव में एक समुराई बूढ़ा योद्धा रहता था। उसके पास कई समुराई युद्धकला सीखने आते थे। एक बार एक विदेशी योद्धा उसे पराजित करने के लिए आया। वह साहसी था। उसके बारे में यहां तक कहा जाता था कि वह जहां भी जाता विजय होकर ही वापस... आगे पढ़े

ऐसे खोजिए सच्चा दोस्त

Updated on 7 August, 2015, 7:36
विश्व के सबसे अमीर लोगों में से एक 'हेनरी फोर्ड' जब अपनी कीर्ति और कमाई की ऊंचाईयों तक पहुंच गए तो एक पत्रकार ने उनसे पूछा था, 'सर आप एक सफल व्यक्ति हैं, क्या आपको अपने जीवन में कोई कमी महसूस होती है?' हेनरी फोर्ड बोले, 'मेरे पास सब कुछ है... आगे पढ़े

क्या है गुरु का महत्व?

Updated on 4 August, 2015, 7:33
सद्‌गुरु के व्यक्तित्व का अनोखापन कई बार लोगों के मन में सवाल पैदा कर देता है कि आखिर वो हैं कौन? वो खुद बता रहे हैं कि वो सिर्फ एक द्वार के समान हैं। तो क्या है इस द्वार के उस पार ? प्रश्न: जिन लोगों ने आपसे दीक्षा ली है, उनके... आगे पढ़े

मृत्यु ब्रह्मांड की शक्तियों से जीव का संबंध विच्छेद होने का नियम है

Updated on 31 July, 2015, 13:29
आज तक जीवन-मृत्यु के सत्य को ठीक से इसलिए नहीं समझा गया कि विज्ञान ने प्रत्यक्ष प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया है। संसार में सब कुछ प्रत्यक्ष और परोक्ष, दोनों शक्तियों से बना है। जो प्रत्यक्ष है उसे अणु कहते हैं, जो अप्रत्यक्ष है उसे विभु... आगे पढ़े

आत्मा एक विभिन्न धर्मों में मत अनेक

Updated on 29 July, 2015, 7:17
संस्कृत शब्द 'आत्मा' का अनुवाद अक्सर अंग्रेजी में 'सोल' या फिर 'स्पिरिट' के रूप में किया जाता है। मगर इन तीनों शब्दों की जड़ें अलग-अलग हैं और अर्थ भी। 'स्पिरिट' ग्रीक मूल का है, 'सोल' ईसाई मूल का और 'आत्मा' हिंदू मूल का। ग्रीस में लोग मानते थे कि जब कोई... आगे पढ़े

आइए जानें, क्‍यों और किसलिए शिवभक्त उठाते हैं कांवड़

Updated on 28 July, 2015, 13:08
हरिद्वार । शिवभक्त चल पड़े हैं कांवड़ लेकर गंगाजल भरने गोमुख व हरिद्वार। चंद दिन शेष रह गए हैं कांवड़ मेला शुरू होने में पर धर्मनगरी शिवभक्तों के स्वागत को तैयार है। पहले शारदीय कांवड़ का महत्व ज्यादा था पर अब धीरे धीरे श्रावण मास की कांवड़ का चलन अधिक... आगे पढ़े

Market Live

18+