Thursday, 29 June 2017, 10:51 AM

उपदेश

आपके हर दुख का कारण है ये Feeling, इसे करें अपने से दूर और हो जाएं Happy

Updated on 25 June, 2017, 1:05
जिस व्यक्ति के विचार उसके अनुकूल हैं, वह सभी प्रकार के लोगों, परिस्थितियों और भाग्य को अपने अनुकूल पाता है। इसके विपरीत जिस व्यक्ति के विचार प्रतिकूल होते हैं, उसे अपने चारों ओर शत्रु ही दिखाई पड़ते हैं। कहते हैं कि मनुष्य के विचार ही मनुष्य को सुखी और दुखी बनाते... आगे पढ़े

क्या आपके मन में पारिवारिक समस्याओं से जूझते हुए आता है आत्महत्या का विचार

Updated on 12 June, 2017, 7:00
एक व्यक्ति पारिवारिक समस्याओं से जूझते-जूझते निराश हो गया। गहरे अवसाद में उसने एक दिन आत्महत्या का विचार किया। रात को वह देर से घर आया और नींद की गोलियां खाकर सो गया। शायद गोलियां कम थीं, इसलिए वह मरने की बजाय गहरी नींद में चला गया। तभी उसे अपने... आगे पढ़े

हजारों सैनिक मारे गए थे महाभारत के युद्ध में, एक का भी नहीं मिला शव... जानिए क्यों

Updated on 9 June, 2017, 0:15
महाभारत के युद्ध में बहुत से शूरवीरों ने अपने प्राणों के आहुति दी थी। यह एक ऐसा युद्ध था जिसने कुरुक्षेत्र की धरती को रक्त-रंजित कर दिया था। इतना खून बहा था कि आज भी वहां की मिट्टी का रंग लाल है... ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे हर कोई... आगे पढ़े

सही समय पर समझिए ईश्वर के इशारे वर्ना झेलना पड़ सकता है नुक्सान

Updated on 27 May, 2017, 0:10
किसी गांव में एक भक्त रहते थे। लोगों का मानना था कि उन्हें ईश्वर ने दर्शन दिए हैं इसलिए गांव में उनकी बड़ी मान्यता थी। एक दिन गांव में बाढ़ आई। भक्त के चाहने वाले उन्हें बचाकर अपने साथ ले जाने के लिए उनके पास पहुंचे और कहा, ‘‘आप भी... आगे पढ़े

जब कोई व्यक्ति पराजित होने लगता है, उसमें दिखने लगता है ये लक्षण

Updated on 21 May, 2017, 2:10
बहुत समय पहले की बात है आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ में निर्णायक थी-मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाकी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिए बाहर जाना... आगे पढ़े

स्मृति-शेष श्री अनिल माधव दवे

Updated on 19 May, 2017, 12:28
बौद्धिक तेज से दमकता था उनका व्यक्तित्व -संजय द्विवेदी   केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे,देश के उन चुनिंदा राजनेताओं में थे, जिनमें एक बौद्धिक गुरूत्वाकर्षण मौजूद था। उन्हें देखने, सुनने और सुनते रहने का मन होता था। पानी, पर्यावरण,नदी और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े सवालों पर उनमें गहरी अंर्तदृष्टि... आगे पढ़े

राजकुमार सिद्धार्थ कैसे बनें महात्मा गौतम बुद्ध, जानने के लिए पढ़ें ये कथा

Updated on 11 May, 2017, 15:18
वैशाख पूर्णिमा का दिन बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज के ही दिन लगभग 563 ई. पूर्व में बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के यहां लुम्बिनी वन में हुआ था। महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार कहा... आगे पढ़े

सक्सेस मंत्र: अहंकार आपको कभी आगे नहीं बढ़ने देता

Updated on 22 April, 2017, 8:58
एक मूर्तिकार अपने पुत्र को मूर्ति बनाने की कला में निपुण करना चाहता था। उसका पुत्र भी लगन और मेहनत से कुछ समय बाद बेहद खूबसूरत मूर्तियां बनाने लगा। उसकी आकर्षक मूर्तियों से लोग भी प्रभावित होने लगे। लेकिन उसका पिता उसकी बनाई मूर्तियों में कोई न कोई कमी बता... आगे पढ़े

अनपढ़ बुढ़िया की एक बात ने बदली दिशा, दुनिया में कमाया नाम

Updated on 21 April, 2017, 2:02
एक बार मशहूर खगोलशास्त्री अल ख्वारिज्मी गांव की सैर पर निकले। उस वक्त वह तारों को देख कर जीवन की गति बता दिया करते थे। तारों की गणना में उस वक्त उनका कोई मुकाबला नहीं था और चारों तरफ उनकी इस विद्या की चर्चा थी। रात में वह तारों से... आगे पढ़े

बिना सोचे समझे कभी कोई काम नहीं करना चाहिए

Updated on 20 April, 2017, 0:35
एक महिला एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रही थी। उसने चिप्स का एक पैकेट खरीदा और एक जगह पर जा कर बैठ गई। उसने बैग से एक किताब निकाली और पढ़ना शुरु कर दिया। तब उसने देखा कि बगल में एक आदमी बैठा है। उसने उसके चिप्स के... आगे पढ़े

जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं तो करें महात्मा बुद्ध की इस सीख पर अमल

Updated on 8 April, 2017, 7:45
बात उस समय की है जब महात्मा बुद्ध विश्व भर में भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे थे और लोगों को ज्ञान दे रहे थे। एक बार महात्मा बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक गांव में भ्रमण कर रहे थे। उन दिनों कोई वाहन नहीं हुआ... आगे पढ़े

संसार का कोई पुरूष नहीं चुका सकता ये कर्ज, क्या आप में है दम

Updated on 17 February, 2017, 1:03
पत्नी बार-बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी और पति बार-बार उसको अपनी हद में रहने को कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी व चीख-चीख कर कह रही थी कि उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारे व मेरे... आगे पढ़े

डिंपल-अखिलेश के समाजवादी रथ पर सवार हुए राहुल और प्रियंका

Updated on 25 January, 2017, 15:04
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर इस समय नए चुनाव प्रचार रथ को तैयार किया जा रहा है. कांग्रेस से गठबंधन के बाद सपा के प्रचार रथ पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी जगह दी गई है. इस प्रचार रथ में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव... आगे पढ़े

चाणक्य: जीवन में इन पांच बातों को छुपाए रखना ही है अच्छा

Updated on 12 January, 2017, 1:04
कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान लोगों को कुछ बातों को कभी भी किसी के सामने नहीं लाना चाहिए। कहा जाता है कि अगर किसी के घर के ये बातें किसी के सामने आ जाएं तो उनका सिर्फ और सिर्फ मजाक उड़ाया जाता है। नीचे दिए गए चाणक्य... आगे पढ़े

इस गोरे सिख से सीखें पगड़ी और कृपाण का मतलब

Updated on 30 December, 2016, 15:09
वॉशिंगटन:अमरीकी नागरिक जेम्स एस.एरिक्सन ईसाई से सिख धर्म अपनाने वाले लोगों को इस धर्म के बारे में बाखूबी जानकारी देते है।दरअसल जेम्स ने 21 साल की उम्र में ही सिख धर्म स्वीकार कर लिया था और अब वह 67 साल के हो चुके है और लोग उन्हें सत हनुमान सिंह... आगे पढ़े

पुरुषों की कुछ इच्छाएं कभी परवान नहीं चढ़ती, जीवनकाल में कभी नहीं भोग सकते ये सुख

Updated on 17 November, 2016, 0:03
श्रीरामायण में श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान राम और उनके कुल का संपूर्ण जीवन वृतांत अंकित है। जिसमें विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से आम जनमानस के लिए बहुत सारे संदेश दिए गए हैं। जिन्हें अपनाकर जीवन में सुख और वैभव पाया जा सकता है। रामायण के अरण्य कांड में एक... आगे पढ़े

कुछ सीखें, कुछ भूलें और आगे बढ जाएं

Updated on 14 October, 2016, 21:51
नकारात्मक भावनाएं भूतकाल की वजह से हैं और आप अपने भूतकाल को अपने वर्तमान जीवन के अनुभव को नष्ट न करने दें। भूतकाल को क्षमा कर दें। यदि आप अपने बीते हुए समय को क्षमा नहीं कर पाएंगे तो आप का भविष्य दु:खपूर्ण हो जाएगा। हम अक्सर दूसरों को खुशी तथा... आगे पढ़े

और भी है पहचान चेहरे के सिवा

Updated on 12 October, 2016, 18:22
यह 2006 की बात है। तब मेरी उम्र मात्र 23 साल थी। मैं मूलत: वाराणसी की रहने वाली हूं और बीएचयू से ग्रेजुएशन करने के बाद मैंने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग में एमबीए किया था। मैं अपना कोर्स कंप्लीट कर चुकी थी। 18 अप्रैल... आगे पढ़े

ऐसा क्या था बुद्ध के पैर में, एक ज्योतिषी रह गया दंग

Updated on 2 October, 2016, 23:33
आषाढ़ माह की गर्म दोपहर थी। भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ भ्रमण पर जा रहे थे। उस रास्ते में कहीं पेड़ भी नहीं थे। चारों तरफ बिखरी थी तो बस रेत ही रेत। रेत पर चलने के कारण तथागत् के पैरों के निशान बनते जा रहे थे। ये निशान... आगे पढ़े

गृहस्थ या संन्यास, दोनों में से कौन सा है श्रेष्ठ मार्ग

Updated on 2 October, 2016, 23:32
एक ब्राह्मण युवक 25 वर्ष की आयु में धर्मशास्त्रों की विद्या प्राप्त करने के पश्चात इस सोच में था कि वह जीवन में कौन-सा मार्ग पकड़े जिससे परम लक्ष्य प्राप्त हो। धर्मग्रंथों के गूढ़ अध्ययन-मनन से जीवन एवं जगत की नश्वरता का विचार उसके मन में घर कर चुका था।... आगे पढ़े

जन्मदिन पर खास: इस राजा की बदौलत जम्मू कश्मीर है भारत

Updated on 23 September, 2016, 19:40
जम्मू: डुग्गर प्रदेश आज अपने महाराजा का जन्मदिन मना रहा है। यह महाराजा वही हैं जिनकी बदौलत जम्मू कश्मीर आज भारत का हिस्सा है। नाम है महाराजा हरि सिंह। महाराजा हरि सिंह का जन्मदनि 23 सितम्बर 1895 का है। उन्हें निर्णायक और ऐतिहासिक फैसले लेने के लिए याद किया जाता... आगे पढ़े

इसे आजमाकर देख‌िए ज‌िंदगी में कभी दुख और तकलीफ से परेशान नहीं होंगे

Updated on 7 September, 2016, 14:39
वह दरवेश दिन रात बंदगी करता था। एक दिन हज के लिए रवाना हुआ। चलते-चलते एक गांव में पहुंचा। उसने एक गांव वाले से किसी ऐसे घर के बारे में पूछा, जहां पनाह मिल सके। राहगीर ने शाकिर नाम के अमीर का पता बताया। वह बताए व्यक्ति के घर गया।... आगे पढ़े

11 वजहें जो संस्कृत को सबसे स्मार्ट भाषा बनाती हैं...

Updated on 31 July, 2016, 0:07
संस्कृत को न सिर्फ भारत की बल्कि दुनिया की प्राचीनतम भाषा होने का गौरव प्राप्त है. बल्क‍ि यह भी माना जाता है कि हिन्दी, उर्दू, बंगला, मराठी, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमी, गुरखाली और कश्मीरी आदि आर्य भाषाएं हैं जो संस्कृत की परम्परा से उत्पन्न हुई हैं. संस्कृत को सभी आर्य भाषाओं... आगे पढ़े

हर किसी को मौत से पहले मिलते हैं 4 संकेत

Updated on 10 July, 2016, 18:30
एक ही जिंदगी और इसी एक जिंदगी में हर इंसान को अपने ढेर सारे सपने और इच्छाएं पूरी करनी होती हैं। जिंदगी इन्हीं सपनों की दौड़ में कटती चली जाती है और हम यह भी भूल जाते हैं कि मौत को भी हमारे दरवाजे दस्तक देनी है। यमलोक के दूत... आगे पढ़े

कभी थे भीख मांगने को मजबूर, आज हैं करोड़ों की कंपनी के मालिक

Updated on 24 May, 2016, 22:49
नई दिल्ली, यह कहानी हर उस शख्स की हो सकती है जो हालात के सामने घुटने टेकने के बजाय उनसे लड़ने की ठान लेते हैं. हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा जैसी कहावतें भी इन्हीं शख्सियतों के लिए कही गई हैं. अच्छा ठीक है, अब हम भी पहेली बुझाना छोड़ देते... आगे पढ़े

ये था भारत का महायात्री, जिसने की ग्रंथों की खोज, दुनिया कहती है इसे महापंडित..!

Updated on 11 May, 2016, 1:47
यात्राएं जिदंगी की रवानगी को तरोताजा करती हैं और उसकी रहस्‍यों की परतों को खोलने का सबसे बेहतरीन और अलहदा जरिया होती हैं। यदि किताब के चंद पन्‍ने दिल और दिमाग के अंदर हलचल पैदा करते हैं, तो वहीं एक छोटी सी यात्रा अनुभव बनकर किताबी ज्ञान को सबसे परिपक्‍व... आगे पढ़े

इस तरह प्रार्थना करें ईश्वर जरूर सुनेंगे आपकी बात

Updated on 7 May, 2016, 14:43
यदि आप चाहते हैं कि आपकी प्रार्थनाएं सुनी जाएं तो आपकी इच्छा तीव्र होनी चाहिए। तीव्र इच्छा आपको भक्ति की ओर ले जाती है। भक्ति तब उत्पन्न होती है जब आपमें आस्था होती है और अपने आस-पास दिव्यता की उपस्थिति का अनुभव करते हैं। पार्थना इस जल्दबाजी में नहीं रहे कि... आगे पढ़े

ऐसी बातों में समय न गवाएं

Updated on 30 March, 2016, 17:42
भगवान बुद्ध समय की महत्ता को बेहद अच्छी तरह से जानते थे। वह अपना हर क्षण कभी भी व्यर्थ नहीं जाने देते थे। एक बार उनके पास एक व्यक्ति आया और बोला, तथागत आप हर बार विमुक्ति की बात करते हैं। आखिर यह दुःख होता किसे है? और दुःख को... आगे पढ़े

कितने तरह के होते हैं इंसान

Updated on 10 March, 2016, 17:40
मनुष्य चार तरह के होते हैं। यह बात स्वामी रामकृष्ण परमहंस के एक प्रेरक प्रसंग से मिलती है। एक बार परमहंसदेव अपने शिष्यों के साथ नदी किनारे टहल रहे थे। उन्होंने देखा एक मछुआरे जाल फेंककर मछलियों को पकड़ रहे थे। गुरुजी वहां खड़े होकर इस पूरे घटनाक्रम को गौर से... आगे पढ़े

सहिष्णुता से होता है ह्दय परिवर्तन

Updated on 9 March, 2016, 12:42
दशकों पहले स्वामी दयानद गंगा नदी के किनारे रहते थे। वहां वह चिंतन करते थे। वहां अन्य साधु रहते थे। वह उनकी इस साधना से ईर्ष्या करते थे। उन्हें लगता था कि दयानंद उनके प्रभाव को कम न कर दें। इस बात से नाराज होकर सभी साधुओं ने दयानंद जी को... आगे पढ़े

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